Delhi News : पुलिस और वकीलों के बीच विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पर सस्पेंड एसीपी मनस्वी वशिष्ठ की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से संदेश दिया कि पुलिस के सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमस्कार और सभी सीनियर्स को जय हिंद। मैं मनस्वी वशिष्ट सस्पेंडेड एसीपी, मैं सबसे पहले आप लोगो को बताना चाहता हूं कि मैं बहुत ही शुक्रगुजार हूँ आप सभी का। उन्होंने आगे कहा कि संपर्क सभा में हमने अपनी बातें खुल कर रखी। मुझे पक्का यकीन है कि जो बातें हमने वहां बताई हैं उन पर अमल होगा और एक अच्छा समाधान हमें मिलेगा।
सस्पेंड एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने मंगवार दिन भर वायरल हो रही सस्पेंशन की चर्चाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा, मेरे सस्पेंशन की बात है सही है, हालांकि इससे मैं बिल्कुल आहत नहीं हुआ और मेरा मनोबल टूटा नहीं है। सस्पेंशन कोई बहुत बड़ी गलत चीज नहीं है। सस्पेंशन एक डिपार्टमेंटल एक्शन है और मुझे पूरा यकीन है फेयर इन्क्वायरी होगी और फेयर जजमेंट आएगा।
गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
सूत्रों की माने तो वकील और पुलिस के बीच उपजे विवाद और सोमवार को दिन भर पुलिस मुख्यालय के बाहर और अंदर जवानों के प्रदर्शन पर गृह मंत्रालय खासा नाराज है। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों का यह प्रदर्शन छाया रहा। सूत्रों की माने ताक गृह मंत्रालय ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं, एसीपी मनस्वी पर जवानों को उकसाने का आरोप है। इस पर अलग-अलग जगह से वकीलों की भी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं। सूत्रों की माने तो गृह मंत्रालय बिल्कुल नहीं चाहता कि पुलिस और वकीलों के बीच किसी तरह का कोई विवाद चले। पीड़ितों को न्याय और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए दोनों का मिलकर चलना जरूरी है।
यहां बता दें कि दिल्ली में सोमवार को पीएचक्यू के बाहर पुलिस के धरने और नारेबाजी के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। अनुशासनहीनता और बल को उकसाने के आरोप में प्रदर्शन का कथित तौर पर नेतृत्व कर रहे एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को देर रात तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मंगलवार सुबह जब इसकी पुष्टि हुई तो पूरी दिल्ली पुलिस फोर्स में खलबली मच गई। यह बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सोमवार देर रात अमल में लाई गई। सोमवार दिनभर चले भारी हंगामे और पुलिस कमिश्नर के साथ हुई दो घंटे की लंबी ‘संपर्क सभा’ के बाद जब धरना समाप्त हुआ तो देर रात इस निलंबन आदेश पर अंतिम मुहर लगी। हालांकि एसीपी वशिष्ठ के सस्पेंशन के बाद महकमे के निचले स्तर के कर्मचारियों में भारी असंतोष देखा जा रहा है।
फर्श बाजार थाने में वकीलों ने शिकायत
पीएचक्यू पर प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर वकीलों पर एके-47 के इस्तेमाल के बयान पर वकीलों में काफी आक्रोश है। मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों ने पुलिस चौकी में पहुंचकर ऐसा बयान देने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ लिखित शिकायत दी है और उस पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वकीलों का कहना है कि बयान देने वाला सब इंस्पेक्टर विशाल है। उस पर सख्त एक्शन होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
यहां बता दें कि यह पूरा विवाद गत 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई झड़प से जुड़ा है। इस झड़प में वकील ललित बंसल घायल हो गए थे। जिसके बाद थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव पैदा हुआ। जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी तो वरिष्ठ अधिकारियों ने 28 अक्टूबर को गांधी नगर एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और एसएचओ शाहदरा अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया। इसी से नाराज जवानों ने सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया।


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