Mid Day Meal Poisoning: आंध्र प्रदेश में पोलावरम जिले के एक आश्रम में 92 आदिवासी बच्चों के लिए नाश्ता जान का खतरा बन गया। नाश्ता करते ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी, उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को फूड पॉइजनिंग की एक घटना की जांच के आदेश दिए, जिसमें सरकारी आश्रम बॉयज हॉस्टल के 92 आदिवासी छात्र बीमार पड़ गए थे। यह घटना शनिवार को पोलावरम जिले के रामपचोडावरम मंडल के देवरापल्ली गांव में आश्रम हॉस्टल में हुई। यही नहीं, बिहार के सदर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारू टोला साहुगढ़ में मिड-डे मील खाने के बाद 70 से ज्यादा छात्र–छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोमवार तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया और साफ किया कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और दूसरे विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और जरूरी निर्देश दिए है।
Andhra Pradesh News: कैसे बिगड़ी छात्रों के हालत?

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि रामपचोडावरम के देवरापल्ली आश्रम बॉयज हॉस्टल के 92 छात्रों में उल्टी, पेट दर्द, बुखार और दस्त जैसे लक्षण दिखे, और उन्हें तुरंत मरीदुमिल्ली और रामपचोडावरम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह नाश्ता करने के बाद छात्रों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी छात्रों की हालत फिलहाल स्थिर है।
Bihar Karu Tola Sahugarh Incident: मिड-डे मील खाने के बाद 70 से ज्यादा छात्र-छात्राएं बीमार

सदर क्षेत्र के अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारू टोला साहुगढ़ में मिड-डे मील खाने के बाद 70 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की तबियत अचानक खरब हो गई। एक साथ दर्जनों बच्चों को लेकर अभिभावक व स्थानीय लोग अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे अभिभावकों के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही थी।
होश में आने के बाद बच्चों ने बताया कि खिचड़ी वाले बर्तन में मरी हुई छिपकली गिरी थी, भोजन करने के कुछ देर बाद ही हमलोगों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट होने लगी।
Sadar Hospital Reatment: एक बच्ची की तबीयत नाजुक
सदर अस्पताल में अचानक से 70 से अधिक छात्र-छात्राओं के पहुंचने से सदर अस्पताल पर भी दवाब बढ़ गया था। वहीं छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के कारण स्वजनों की भी सदर अस्पताल परिसर भारी भीड़ जमा हो गई थी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि सदर अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सकों की टीम ने अपनी सूझ-बूझ से स्थिति पर काबू पा लिया। सदर अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सकों की टीम ने अपनी सूझ-बूझ से स्थिति पर काबू पा लिया। बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार छात्र-छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि एक बच्ची की तबीयत अधिक खराब बताई जा रही है, जिसका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है।
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