Nitish Kumar Samriddhi Yatra: सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा 16 जनवरी से होगी शुरू, इन 9 जिलों का करेंगे दौरा

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Nitish Kumar Samriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस वर्ष 2026 में अपनी 16वीं यात्रा पर निकल रहे हैं, जिसका नाम समृद्धि यात्रा रखा गया है। इसकी शुरुआत 16 जनवरी को पश्चिम चंपारण से होने जा रही है। अलग-अलग तारीखों पर संभावित चार से पांच चरणों की इस यात्रा में वे सभी 38 जिलों में अलग-अलग स्थानों का भ्रमण करेंगे। बिहार की सत्ता पर 2005 में काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह 16वीं यात्रा है। सभी यात्राओं के अलग-अलग नाम रखे गए हैं और इन नामों के अनुरूप ही इनके थीम भी रखे गए हैं। 2005 से लेकर…

Nitish Kumar Samriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस वर्ष 2026 में अपनी 16वीं यात्रा पर निकल रहे हैं, जिसका नाम समृद्धि यात्रा रखा गया है। इसकी शुरुआत 16 जनवरी को पश्चिम चंपारण से होने जा रही है। अलग-अलग तारीखों पर संभावित चार से पांच चरणों की इस यात्रा में वे सभी 38 जिलों में अलग-अलग स्थानों का भ्रमण करेंगे। बिहार की सत्ता पर 2005 में काबिज होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह 16वीं यात्रा है। सभी यात्राओं के अलग-अलग नाम रखे गए हैं और इन नामों के अनुरूप ही इनके थीम भी रखे गए हैं।
2005 से लेकर 2026 तक मुख्यमंत्री लगातार कुछ वर्षों के अंतराल पर यात्राओं पर सीधे लोगों से मिलने निकले थे।

Nitish Kumar Samriddhi Yatra
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CM Nitish Kumar: पश्चिमी चंपारण से शुरू होगी यात्रा

मुख्यमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विशेषकर प्रगति यात्रा और सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं की जमीनी स्थिति का आंकलन करेंगे। जानकारी के मुताबिक, यह यात्रा कई चरणों में चलेगी और मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे। यात्रा के पहले चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 16 जनवरी को पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया से यात्रा शुरू होगी 24 जनवरी को वैशाली में पहला चरण पूरा होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री, उत्तर बिहार के 9 जिलों का दौरा करेंगे। जहां वे विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।

CM Nitish Kumar
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2005 में शुरू की पहली यात्रा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 में बिहार की बागडोर संभालने के बाद पहली यात्रा 12 जुलाई 2005 को शुरू की थी, जिसे परिवर्तन यात्रा नाम दिया गया। बिहार में लंबे समय बाद जंगलराज से मुक्ति के बाद यह यात्रा सत्ता परिवर्तन का सूचक थी। लोगों से सीधे संवाद करने का बड़ा असर भी दिखा था। सीधे लोगों की समस्या जानकर इसके आधार पर कई जन कल्याणकारी कदम उठाए गए थे।

सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद

इसके बाद 9 जनवरी 2009 से विकास यात्रा की शुरुआत हुई। इसी क्रम में 17 जून 2009 से धन्यवाद यात्रा और 25 दिसंबर 2009 से प्रवास यात्रा निकाली गई। जनता के विश्वास को और मजबूत करने के लिए 28 अप्रैल 2010 से विश्वास यात्रा शुरू की गई, जबकि 9 दिसंबर 2011 से सेवा यात्रा के माध्यम से सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके बाद 19 सितंबर 2012 से अधिकार यात्रा निकाली गई और 5 मार्च 2014 से संकल्प यात्रा और 13 नवंबर 2014 से संपर्क यात्रा के जरिए सरकार और जनता के बीच संवाद को और सशक्त किया गया। वर्ष 2016 में निश्चय यात्रा आयोजित की गई।

Nitish Kumar Samriddhi Yatra
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Nitish Kumar Samriddhi Yatra: यात्रा का उद्देश्य विकास और समृद्धि

दिसंबर 2017 में विकास समीक्षा यात्रा और 3 दिसंबर 2019 से 10 जनवरी 2020 तक जल-जीवन-हरियाली यात्रा निकाली गई। 22 दिसंबर 2021 से 6 मार्च 2022 तक समाज सुधार अभियान चला, जबकि जनसमस्याओं के समाधान पर केंद्रित समाधान यात्रा 1 जनवरी 2023 से 6 मार्च 2023 तक आयोजित की गई। इसके बाद 23 दिसंबर 2024 से 21 फरवरी 2025 तक प्रगति यात्रा निकाली गई। अब आगे 16 जनवरी 2026 से समृद्धि यात्रा प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य बिहार को समृद्धि की नई दिशा में ले जाना और विकास की गति को और तेज करना बताया गया है।

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Rahul Kumar Rawat