पटना में सुबह-सुबह पुलिस एनकाउंटर के बाद बवाल, 3 अपराधियों की मौत से मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला

Summary :

पटना के मनेर में शुक्रवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद दानापुर अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मुखबिरी के शक में एक व्यक्ति की पिटाई भी की गई। वहीं, परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

दानापुर/पटना: बिहार की राजधानी पटना सुबह-सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। दरअसल,  शुक्रवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ देखने को मिली।  यह घटना मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास हुई, जहां तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई। इस दौरान मनेर थानेदार भी घायल हो गए। मुठभेड़ के बाद पुलिस तीनों लोगों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार , मृतकों की पहचान दानापुर के न्यू ताराचक निवासी जेपी यादव, शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहारा निवासी राजेश शर्मा और मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार के रूप में हुई है। तीनों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने शव देखने की मांग की और पुलिस से घटना को लेकर जवाब मांगा। कुछ ही देर में अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों के हंगामे के कारण वहां तनाव का माहौल बन गया।

मुखबिरी के शक में एक व्यक्ति की पिटाई

अस्पताल में हंगामे के दौरान एक व्यक्ति को देखकर मृतकों के परिजन भड़क गए। उन्होंने उस पर पुलिस को जानकारी देकर मुठभेड़ करवाने का आरोप लगाया। इसके बाद परिजनों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उस व्यक्ति को भीड़ से बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव और बढ़ गया।

दूसरी ओर, परिजन तीनों के शव देखने की मांग पर अड़े रहे। वे एंबुलेंस के पास पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के साथ उनकी बहस भी हुई। हालात  को संभालने के लिए एसडीपीओ अजीत कुमार अस्पताल पहुंचे, लेकिन परिजन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। हंगामे के चलते तीनों के शव काफी समय तक एंबुलेंस में ही रखे रहे।

सुबह 4:30 बजे शुरू हुई थी पुलिस और अपराधियों के बीच गोलीबारी

पटना के एसएसपी कार्तिकेय  ने  पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि   शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस को अपराधियों के साथ मुठभेड़ का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, अपराधियों ने पुलिस टीम पर 24 राउंड फायरिंग की। इसके जवाब में पुलिस की ओर से 18 राउंड गोलियां चलाई गईं।

दोनों तरफ से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई। इस दौरान अपराधियों की ओर से चलाई गई गोली मनेर थानेदार रजनीश कुमार की बांह को छूकर निकल गई, जिससे वे घायल हो गए। मुठभेड़ खत्म होने के बाद पुलिस तीनों घायलों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दुर्गाष्टमी पर हुई हत्या के मामले में वांछित थे तीनों

SSP के अनुसार, तीनों लोग मनेर में दुर्गाष्टमी के दिन हुई हत्या के मामले में आरोपी थे। पुलिस को उनकी तलाश थी। पुलिस का कहना है कि तीनों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज थे। लेकिन, मृतकों के परिवार वालों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं।

जेपी यादव के भाई रामाशीष यादव ने कहा कि पैक्स अध्यक्ष की हत्या के मामले में उनके भाई का नाम नहीं था। वहीं, राजेश शर्मा के भाई ने बताया कि गुरुवार शाम को उनकी राजेश से फोन पर बात हुई थी। परिजनों के इन बयानों के बाद पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।