जन सुराज नेता प्रशांत किशोर ने पटना में चल रहे BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) विरोध प्रदर्शन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया, और बिहार सरकार से छात्रों की शिकायतों का समाधान करने का आग्रह किया। BPSC परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन, सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा के बाद और तेज हो गया है, जिसके बारे में किशोर ने दावा किया कि यह की गयी गलतियों की स्वीकृति है।
किशोर ने कहा कि “पुनः परीक्षा कराकर सरकार ने कानूनी तौर पर स्वीकार कर लिया है कि परीक्षा में कुछ छात्रों के साथ अनियमितताएं हुई हैं।” उन्होंने छात्रों के कल्याण के लिए इस मुद्दे को तेजी से संबोधित करने के महत्व पर जोर दिया, और कहा कि “मुख्यमंत्री को छात्रों की मांगों के संबंध में उनसे मिलना चाहिए, यह राज्य के हित में है।”
किशोर ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर चल रही राजनीतिक आलोचनाओं का भी जवाब दिया, खास तौर पर उनके वैनिटी वैन विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि “विपक्षी दलों द्वारा मेरी आलोचना करना कोई नई बात नहीं है, मैं छात्रों के समर्थन में यहां आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि “कोई भी आकर नेतृत्व कर सकता है, चाहे वह राहुल गांधी हों या तेजस्वी यादव।”
किशोर ने आगे कहा कि उनका ध्यान राजनीतिक बहसों में उलझने के बजाय छात्रों की जरूरतों पर रहा, केवल छात्रों का काम होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता देने और कार्रवाई करने का आग्रह किया। छात्रों के साथ एकजुटता में उपवास कर रहे जन सुराज नेता ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ हैं।
इससे पहले, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने शनिवार को कहा कि पुनर्परीक्षा की मांग को लेकर उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की शुरुआत गैर-गंभीर उम्मीदवारों ने की थी।


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