कभी विजिलेंस तो कभी ATS अधिकारी बन की करोड़ों की ठगी, मिलिए पूर्णिया के शातिर ठग से

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Purnia Fake ATS Officer : बिहार के पूर्णिया में एक शातिर ठग ने खुद को कभी विजिलेंस अधिकारी तो कभी एटीएस से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों से बड़ी रकम ऐंठ ली। आरोपी रोहित बाजपेयी पर आरोप है कि उसने शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों को अपने जाल में फंसाकर करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की और फिर फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसने देश के कई शहरों में इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है। किराए के मकान में रहकर बनाया विश्वास यह मामला सहायक खजांची थाना क्षेत्र के…

Purnia Fake ATS Officer : बिहार के पूर्णिया में एक शातिर ठग ने खुद को कभी विजिलेंस अधिकारी तो कभी एटीएस से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों से बड़ी रकम ऐंठ ली। आरोपी रोहित बाजपेयी पर आरोप है कि उसने शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों को अपने जाल में फंसाकर करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की और फिर फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसने देश के कई शहरों में इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है।

किराए के मकान में रहकर बनाया विश्वास

यह मामला सहायक खजांची थाना क्षेत्र के टीचर कॉलोनी का बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी रोहित बाजपेयी यहां अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहा था। उसने खुद को एयर कंट्रोल से जुड़ा एटीएस अधिकारी बताकर स्थानीय लोगों का भरोसा जीत लिया। धीरे-धीरे उसने डॉक्टरों, व्यवसायियों और आसपास के लोगों से परिचय बढ़ाया और इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया।

डॉक्टर को झांसा देकर हड़पे जेवर

शहर के जाने-माने डॉक्टर विनोद धारेवा भी इस ठग के जाल में फंस गए। आरोपी ने अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला देकर डॉक्टर से नजदीकी बनाई और भरोसा कायम किया। बाद में उसने पायलट के जरिए डॉक्टर की बेटी तक जेवर भेजने का भरोसा दिलाया। डॉक्टर ने उस पर विश्वास करते हुए कीमती गहने उसे सौंप दिए, लेकिन बाद में पता चला कि पूरा मामला धोखाधड़ी का था।

Purnia Fake ATS Officer: व्यवसायी और मकान मालिक भी बने शिकार

रोहित बाजपेयी ने भट्टा बाजार के एक व्यवसायी से रिश्तेदारी का बहाना बनाकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये उधार ले लिए। जब डॉक्टर और अन्य लोग पैसे या सामान वापस लेने के लिए उसके घर पहुंचे, तो मकान बंद मिला और आरोपी परिवार सहित गायब था। इसके बाद मकान मालिक, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने भी बताया कि आरोपी ने उनसे किस्तों में करीब साढ़े चार लाख रुपये ठग लिए थे।

कई शहरों में फैला ठगी का नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रोहित बाजपेयी पेशेवर ठग है और अपने परिवार के साथ मिलकर लोगों को निशाना बनाता है। बीकानेर, भुवनेश्वर, वाराणसी, गाजियाबाद और उज्जैन जैसे शहरों में भी वह इसी तरह लोगों को ठग चुका है। कभी वह फर्जी टीटी बनकर तो कभी अधिकारी बनकर लोगों को अपने झांसे में लेता रहा है। झांसी में उसे नकली टीटी के रूप में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

सहायक खजांची थाना प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। अन्य पीड़ितों से भी लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पुलिस आरोपी और उसके परिवार की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।