Sanjay Saraogi News: इन दिनों बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। एक तरफ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन को अपना नया कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, वहीं बिहार BJP ने अब अपने नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर दी है। सोमवार को BJP ने अपनी प्रदेश इकाई के लिए नई लीडरशिप का ऐलान किया। पार्टी ने बिहार की ज़िम्मेदारी संजय सरावगी को सौंपी है।
Bihar BJP President: जेपी नड्डा ने दी बड़ी जिम्मेदारी
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को बिहार भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने सोमवार को इसकी घोषणा की। राष्ट्रीय महासचिव ने नियुक्ति पत्र में कहा है कि जेपी नड्डा ने संजय सरावगी, विधायक, को भाजपा बिहार का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। संजय सरावगी 2005 से लगातार छह बार से बिहार विधानसभा के सदस्य हैं। पहली बार 2005 फरवरी में दरभंगा सदर विधानसभा से विधायक चुने गए। उसके बाद 2005 (नवंबर), 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार विधायक चुने गए।
Bihar News Today: कौन हैं सरावगी?
बता दें कि वैश्य जाति से आने वाले सरावगी छात्र जीवन में 10 वर्षों तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभिन्न पदों पर रहे। 1999 में इन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का जिला मंत्री का दायित्व सौंपा गया। इसके बाद 2001 में दरभंगा नगर मंडल भाजपा के अध्यक्ष रहे। विधायक संजय सरावगी 2017 में बिहार विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति रहे। फरवरी 2025 में उन्हें बिहार सरकार में राजस्व और भूमि सुधार मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
Bihar BJP Chief : संजय सरावगी का कैसा है सियासी सफर? Sanjay Saraogi News
संजय सरावगी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सहित कई जिलों के संगठन चुनाव प्रभारी और सदस्यता प्रभारी का भी दायित्व संभाल चुके हैं। संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तब सौंपी गई है जब बिहार के मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी के भीतर संजय सरावगी को वैश्य समाज के प्रभावशाली चेहरे के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना सामाजिक संतुलन और चुनावी गणित के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। बता दें कि दिलीप जायसवाल के बिहार सरकार में मंत्री बनने के बाद से ही माना जा रहा था कि बिहार में अध्यक्ष की जिम्मेदारी दूसरे किसी को सौंपी जाएगी।
























