New Law for MGNREGA: मोदी सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह एक नया ग्रामीण रोज़गार कानून लाने की योजना बनाई है। सरकार ने इससे जुड़ा बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
Viksit Bharat Bill: नए बिल में क्या-क्या होगा खास?

इस बिल में कहा गया है कि,”बिल का मुख्य मकसद ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा बनाना है। काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन की जाएगी। इससे पहले 12 दिसंबर को मोदी कैबिनेट ने मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना रखा है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
MGNREGA News: क्या है MGNREGA?
MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे 2005 में लागू किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हर वर्ष कम से कम 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करना है। इस योजना के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों को उनके गांव के पास ही काम दिया जाता है। यदि सरकार 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराती, तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। MGNREGA से ग्रामीण बेरोजगारी कम होती है, आय बढ़ती है और गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास होता है।
New Law for MGNREGA: MGNREGA बिल में बदलाव पर विपक्षी नेताओं ने बोला हमला

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मनरेगा का नाम बदलने पर कहा कि,”मुझे समझ नहीं आ रहा कि मनरेगा का नाम बदलने के पीछे मोदी सरकार की मानसिकता क्या है? योजना में सबसे पहला नाम महात्मा गांधी जी का ही है और जब योजना का नाम बदला जाता है तो बहुत पैसा भी खर्च होता है. इसका फायदा क्या है ये समझ से परे है.”
मुझे समझ नहीं आ रहा कि मनरेगा का नाम बदलने के पीछे मोदी सरकार की मानसिकता क्या है?
योजना में सबसे पहला नाम महात्मा गांधी जी का ही है और जब योजना का नाम बदला जाता है तो बहुत पैसा भी खर्च होता है
इसका फायदा क्या है ये समझ से परे है@priyankagandhi जी
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) December 13, 2025
Job Guarantee Scheme: प्रियंका गांधी ने पूछे सवाल

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मनरेगा के नाम बदलने पर कहा कि,”महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा’.






















