Bondi Beach Firing Update: ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर हनुक्का के पहले दिन का जश्न मना रहे यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर पाकिस्तान से आए बाप बेटे ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, इस गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है और कम से कम 40 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी रहने के कारण बोंडी बीच के आसपास का क्षेत्र सील रहेगा और उस स्थान पर हवाई गतिविधियों पर और प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने सामूहिक गोलीबारी की घटना के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए इसकी कड़ी निंदा की और इस घटना को भयानक आतंकवादी हमला बताया।
PAK Connection in Attack

समुद्री तट पर त्यौहार का जश्न मना रहे लगभग 1 हजार लोगों पर साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। पुलिस ने 50 वर्ष के आतंकी साजिद अकरम को घटनास्थल पर ही गोली मारकर ढेर कर दिया वहीं 24 वर्ष का नवीद अकरम पर भी गोली चलाई थी और उसकी हालात गंभीर बताई जा रही है। न्यू साउथ वेल्स पुलिस बल के आयुक्त माल लैन्योन ने घटनास्थल पर मारे गए 50 वर्षीय आतंकी के पास बंदूक का लाइसेंस प्राप्त किया था और उसके पास छह लाइसेंसी बंदूकें थीं। वहीं नवीद अकरम के पास भी साउथ वेल्स का ड्राइविंग लाइसेंस है।
Bondi Beach Firing Update
यह हमला, जिसने विशेष रूप से यहूदी समुदाय को निशाना बनाया, उस समय हुआ जब सैकड़ों लोग हनुक्का के पहले दिन को मनाने के लिए एकत्रित हुए थे और इसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी हमला घोषित किया गया है। बता दें कि यह गोलीबारी रविवार को शाम लगभग 6:47 बजे हुई, जब दो बंदूकधारियों ने यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन का जश्न मनाने के लिए समुद्र तट पर इकट्ठा हुए कम से कम 1,000 लोगों की भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर ही 16 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लोगों की अस्पताल में मौत हो गई। मृतकों की आयु 10 से 87 वर्ष के बीच है और उनमें हमलावरों में से एक भी शामिल है। वहीं 40 अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जिनमें से पांच की हालत गंभीर थी।
Sydney Terror Attack

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने सामूहिक गोलीबारी की घटना के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए इसे आतंकवादी हमला करार दिया है और यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना हनुक्का के पहले दिन यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों पर एक लक्षित हमला था, जो खुशी का दिन होना चाहिए, आस्था का उत्सव होना चाहिए, लेकिन यह एक यहूदी-विरोधी भावना, आतंकवाद है जिसने हमारे राष्ट्र के दिल पर प्रहार किया है। हमारे देश में इस नफरत, हिंसा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है।





















