#MeToo के सवाल पर दीपिका का फूटा गुस्सा, कहा – क्रिकटरों से यौन उत्पीड़न के बारे में क्यों नहीं पूछते !

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कुछ सेलेब्स सवालों का जवाब देने से बचना पसंद करते है तो कुछ खुलकर अपनी राय रख देते है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दीपिका पादुकोण के साथ ही कुछ ऐसा ही हुआ।

अक्सर देखा गया है कि बॉलीवुड सितारों से इंटरव्यूज , इवेंट्स और प्रेस कांफ्रेंस में ऐसे सवाल कर लिए जाते है जिससे कई बार सेलिब्रिटीज परेशानी में आ जाते है। कुछ सेलेब्स सवालों का जवाब देने से बचना पसंद करते है तो कुछ खुलकर अपनी राय रख देते है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दीपिका पादुकोण के साथ ही कुछ ऐसा ही हुआ। 
हाल ही में दीपिका पादुकोण ने शेखर गुप्ता के कार्यक्रम ‘द प्रिंट ऑफ द कफ’ में शिरकत की और यहां दीपिका से #MeToo आंदोलन के बारे में सवाल किया गया था। अन्य लोगों की तरह सलवाल का जवाब देने के बजाये दीपिका ने खुद कई ऐसे सवाल खड़े किये जो विचार करने लायक है। 
दीपिका ने कहा ,’ मैं ऐसी हूं जिसे काम करना पसंद है। मैं खुलकर अपने विचार रखती हूं। जहां बदलाव हो सकते है वहां मैं अपना दृष्टिकोण व्यक्त करती हूं। एक्टर्स – एक्ट्रेस को अलग – अलग प्लेटफॉर्म्स पर बुलाया जाता है और उनसे उम्मीद की जाती है कि वो हर मुद्दे पर अपनी राय दे। 
दीपिका ने आगे कहा ,’ व्यवसायियों से ये सवाल क्यों नहीं पूछा जाता, कोई रतन टाटा से यह क्यों नहीं पूछता कि वह आरे के बारे में क्या सोचते हैं, क्रिकेटरों से #MeToo के बारे में क्यों नहीं पूछा जाता? “अभिनेत्री ने पूछा कि इस तरह के सवाल केवल फिल्मी सितारों के ही होते हैं न कि दूसरे क्षेत्रों के लोगों के। “
दीपिका ने ये भी कहा ,’आप जो भी प्रश्न चाहते हैं, आप मुझसे पूछ सकते हैं लेकिन यह  सिस्टम केवल एक फिल्म स्टार के अधीन क्यों है?” दीपिका ने आगे जोर देकर कहा कि यौन उत्पीड़न हर इंडस्ट्री में प्रचलित है और इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
वर्क फ्रंट की बात की जाए तो दीपिका के पास कई फिल्मों की लाइन है।  जल्द ही दीपिका फिल्म छपाक में नजर आएं गई जहां वो एक एसिड अटैक सर्वाइवर की भूमिका निभाएंगी। इसके बाद, वह ’83’ में रणवीर सिंह की पत्नी की भूमिका निभाती नजर आएंगी, जो कबीर खान द्वारा निर्देशित है और ये फिल्म 1983 विश्व कप की जीत पर आधारित है।

Ujjwal Jain