Rishabh Shetty on Kantara : फिल्म ‘कांतारा’ में दैव्य के किरदार ने न सिर्फ दर्शकों को हिला दिया था, बल्कि भारतीय सिनेमा में लोक संस्कृति और आस्था को एक नई पहचान दी थी। अब जब रणवीर सिंह के एक हालिया लुक और परफॉर्मेंस को लेकर सोशल मीडिया पर यह कहा जाने लगा कि उन्होंने कांतारा के दैव्य अवतार की नकल की है, तो इस पर फिल्म के निर्माता और अभिनेता Rishabh Shetty की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।इस महीने की शुरुआत में गोवा में हुए आईएफएफआई के दौरान रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी के साथ सामने कांतारा के देवता की नकल उतारी थी
ऋषभ उन्हें मना भी कर रहे थे मगर रणवीर माने नहीं. जिसके बाद उन्हें बुरी तरह से ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था.
रणवीर सिंह को लेकर क्यों उठा विवाद?

दरअसल, रणवीर सिंह के एक नए प्रोजेक्ट से जुड़ा वीडियो और फोटो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने तुलना शुरू कर दी। कई लोगों का कहना था कि रणवीर का लुक, बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन काफी हद तक कांतारा के दैव्य से मिलते-जुलते हैं। इसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया। रणवीर सिंह के ‘दैव्य’ अवतार पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोले– “मैं इससे इमोशनली कनेक्टिड हूं”
Rishab Shetty statement : ऋषभ शेट्टी ने दी शांत और सधी हुई प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर अब ऋषभ शेट्टी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ कहा कि दैव्य उनके लिए सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव है।
ऋषभ ने कहा,
“मैं दैव्य से इमोशनली कनेक्टिड हूं। यह रोल मेरी आत्मा और विश्वास से जुड़ा है।”
Rishabh Shetty on Kantara : दैव्य’ मेरे लिए परफॉर्मेंस नहीं, साधना है

ऋषभ शेट्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांतारा में दैव्य का किरदार किसी स्टाइल या ट्रेंड के लिए नहीं किया गया था। उनके मुताबिक यह रोल लोक परंपरा, आस्था और वर्षों की साधना का परिणाम था।
उन्होंने कहा कि दैव्य जैसे किरदार को समझने के लिए केवल मेकअप या लुक काफी नहीं होता, बल्कि उसके पीछे की भावना और संस्कृति को महसूस करना जरूरी है।
किसी पर सीधा आरोप नहीं लगाया

दिलचस्प बात यह रही कि ऋषभ शेट्टी ने रणवीर सिंह का नाम लेते हुए उन पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि हर कलाकार को अपने तरीके से काम करने की आज़ादी है, लेकिन कुछ किरदार ऐसे होते हैं, जिनका भावनात्मक महत्व बहुत गहरा होता है।
फैंस के बीच बंटा रिएक्शन
Rishabh Shetty के बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ फैंस ने ऋषभ की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि दैव्य एक पवित्र और सांस्कृतिक किरदार है, जिसकी तुलना किसी और रोल से नहीं की जानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अभिनय में प्रेरणा लेना सामान्य बात है।
‘कांतारा’ और दैव्य की खास पहचान

‘कांतारा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उसने लोक संस्कृति को मेनस्ट्रीम सिनेमा में जगह दिलाई। दैव्य का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है। यही वजह है कि इस किरदार से जुड़ी किसी भी तुलना या बहस पर भावनाएं भड़क उठती हैं। Rishabh Shetty का यह बयान साफ करता है कि दैव्य उनके लिए एक रोल नहीं, बल्कि एक आत्मिक यात्रा है। उन्होंने बिना किसी विवाद को बढ़ाए अपनी भावना रखी और यही वजह है कि उनका जवाब लोगों को और भी प्रभावशाली लगा।
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