नई दिल्ली : अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने कहा है कि उसे भारतीय बाजार में दीर्घावधि में काफी अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं, लेकिन वह आनलाइन मार्केट प्लेस के लिए हालिया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में बदलाव का आकलन कर रही है। कंपनी ने कहा कि उसके प्लेटफार्म पर ग्राहकों और विक्रेताओं को ‘किसी तरह के अवांछित परिणामों’ का सामना नहीं करना पड़े इसलिए वह ऐसा कदम उठा रही है। अमेजन ने भारत में पांच अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
कंपनी ने कहा कि उसने अपने कारोबार का निर्माण मूल्य चयन और सुविधा के इर्दगिर्द किया है। अमेजन के मुख्य वित्त अधिकारी ब्रायन ओलसवास्की ने निवेशक कॉल के जरिये कहा कि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी है कि नियमों में बदलाव का ई-कॉमर्स क्षेत्र पर क्या प्रभाव होगा। हम सभी कानूनों और नियमनों का अनुपालन करने को प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं। नए नियम एक फरवरी से प्रभाव में आए हैं।
इनके तहत विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों पर उन विक्रेताओं के उत्पादों की बिक्री की रोक है जिनमें उनकी हिस्सेदारी है। इसके अलावा विशिष्ट विपणन करार पर भी रोक होगी। क्लाउडटेल और अपारियो के उत्पाद अमेजन.इन के प्लेटफार्म से हटा लिए गए हैं क्योंकि इनमें अमेजन का इक्विटी निवेश है।


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