ईरान युद्ध से जाम छलकाना होगा महंगा, शराब कंपनियों का 15% तक की कीमत बढ़ाने का आग्रह

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Beer Alcohol Cost Increase: खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच अब जाम छलकाना महंगा हो गया है जिससे भारतीय मादक पेय उद्योग खतरे की घंटी बजा रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे भारत के दो सबसे शक्तिशाली उद्योग संगठनों ने राज्य सरकारों से औपचारिक रूप से 15 प्रतिशत तक की महत्वपूर्ण मूल्य बढ़ोतरी को मंजूरी देने का आग्रह किया है। Beer Alcohol Cost Increase: 100 रुपये से 150 रुपये तक की वृद्धि का अनुरोध भारत के मादक पेय क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहोलिक बेवरेज…

Beer Alcohol Cost Increase: खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच अब जाम छलकाना महंगा हो गया है जिससे भारतीय मादक पेय उद्योग खतरे की घंटी बजा रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे भारत के दो सबसे शक्तिशाली उद्योग संगठनों ने राज्य सरकारों से औपचारिक रूप से 15 प्रतिशत तक की महत्वपूर्ण मूल्य बढ़ोतरी को मंजूरी देने का आग्रह किया है।

Beer Alcohol Cost Increase: 100 रुपये से 150 रुपये तक की वृद्धि का अनुरोध

भारत के मादक पेय क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहोलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) ने भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) उत्पादों की कीमतों में संशोधन के लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखा है। संस्था ने उत्पाद श्रेणी और बोतल के वजन के आधार पर 9 लीटर के प्रत्येक केस की कीमत में 100 रुपये से 150 रुपये तक की वृद्धि का अनुरोध किया है।

Beer Price Hike: 25-30 रुपये प्रति केस की बढ़ोतरी

सीआईएबीसी के महानिदेशक अनंत एस. अय्यर ने बताया कि हम उत्पाद के उस सेगमेंट के आधार पर, जिसमें यह काम करता है, 100 रुपये से लेकर लगभग 150 रुपये तक की बढ़ोतरी हो। इस बीच, यूनाइटेड ब्रुअरीज (हेनेकेन कंपनी), एबी इनबेव और कार्ल्सबर्ग जैसी बीयर की दिग्गज कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सर्वोच्च संस्था, ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने अलग से राज्य सरकारों से बीयर की कीमतों में 25-30 रुपये प्रति केस (650 मिलीलीटर की 12 बोतलें) की बढ़ोतरी करने की अपील की है।

Cost Increase in Beer Production: बीयर कंपनियां घाटे में

महानिदेशक विनोद गिरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज कई राज्यों में बीयर कंपनियां घाटे में चल रही हैं। अगर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं तो वे टिक नहीं पाएंगी। उन्होंने सरकार और उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे इस बोझ को साझा करें और सारा भार उद्योग पर न डालें। इस संकट का कारण स्पष्ट है। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में गहरा असर डाला है, जिससे कच्चे तेल, ऊर्जा, पैकेजिंग सामग्री और औद्योगिक इनपुट की लागत बढ़ गई है, जिन पर पेय उद्योग काफी हद तक निर्भर करता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।