India Tea Export में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी, जानें कितनी हुई वृद्धि?

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भारत के चाय का दम देश में ही नही दुनिया में भी देखने को मिल रहा है. भारतीय चाय की दीवानगी को देखना है तो आप इन आंकड़ो को देख सकते हैं. India Tea Export वित्त वर्ष ( FY) 2024-25 में बढ़कर 2,57,880 टन हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2023-24 के 2,50,730 टन के मुकाबले 2.85 प्रतिशत बढ़ा है.टी बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार, निर्यात बढ़ने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत मांग और देश के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों से निर्बाध आपूर्ति होना है. इन आंकड़ों में , उत्तर भारत से…

भारत के चाय का दम देश में ही नही दुनिया में भी देखने को मिल रहा है. भारतीय चाय की दीवानगी को देखना है तो आप इन आंकड़ो को देख सकते हैं. India Tea Export वित्त वर्ष ( FY) 2024-25 में बढ़कर 2,57,880 टन हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2023-24 के 2,50,730 टन के मुकाबले 2.85 प्रतिशत बढ़ा है.टी बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार, निर्यात बढ़ने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत मांग और देश के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों से निर्बाध आपूर्ति होना है.

इन आंकड़ों में , उत्तर भारत से होने वाले चाय के निर्यात में वित्त वर्ष 2024-25 में 8.15 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है, जो कि बढ़कर 1,61,200 टन पहुंच गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में यह 1,49,050 टन था. हालांकि, दक्षिण भारत से चाय का निर्यात सालाना आधार पर 4.92 प्रतिशत कम होकर 96,680 टन हो गया है, जो कि पहले 1,01,680 टन था.

भारत से Tea Export में बढ़ोतरी

वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत से निर्यात की जाने वाली चाय की औसत कीमत 290.97 रुपये प्रति किलोग्राम रही। यह दर पिछले वर्ष की तुलना में 12.65% अधिक है, जब कीमत 258.30 रुपये प्रति किलो थी। इस बढ़त में कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अहम भूमिका रही है। रूस ने भारतीय पारंपरिक चाय की खरीद में अपनी अहम भूमिका बरकरार रखी है। भले ही वैश्विक राजनीतिक हालात चुनौतीपूर्ण रहे हों, रूस के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते मजबूत बने हुए हैं।

ईरान: उत्तर भारतीय चाय का बड़ा बाजार

ईरान, खासतौर पर उत्तर भारत की पारंपरिक किस्मों के लिए, एक महत्वपूर्ण खरीदार बना हुआ है। हालांकि, भुगतान और मुद्रा से जुड़ी दिक्कतों के चलते कभी-कभी व्यापार में रुकावट आती है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारतीय चाय का एक बड़ा आयातक है। वह खुद उपभोग करता है और साथ ही इसे अन्य देशों में निर्यात भी करता है। यह भारत के लिए एक रणनीतिक बाजार बन चुका है।

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UK: असम और दार्जिलिंग चाय की मांग

यूके भारतीय असम और दार्जिलिंग चाय का स्थिर बाजार बना हुआ है। वहां पारंपरिक और खास चायों की मांग लगातार बनी हुई है। संयुक्त राज्य अमेरिका में खासतौर पर प्रीमियम और विशेष किस्म की चाय की मांग बढ़ रही है। यह भारत के लिए एक संभावनाओं से भरा बाजार है। सऊदी अरब, मिस्र, जर्मनी, चीन और कजाकिस्तान जैसे देश भी भारतीय चाय में खास रुचि दिखा रहे हैं। खासकर स्वास्थ्य के नजरिए से तैयार की गई और विशेष मिश्रण वाली चाय इन देशों में लोकप्रिय हो रही है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।