नई दिल्ली : जापान की वाहन कंपनी निसान तमिलनाडु सरकार द्वारा दिये जाने वाले लंबित प्रोत्साहन को लेकर विवाद के चलते कथित तौर पर भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कार्यवाही में घसीटते हुए 77 करोड़ डालर से अधिक की मांग की है। इसमें बकाया प्रोत्साहन राशि, नुकसान तथा अन्य के साथ ब्याज लागत शामिल है। संपर्क किये जाने पर निसान के प्रवक्ता ने पूरे प्रकरण से इंकार नहीं किया। प्रवक्ता ने कहा, हम मामले के समाधान के लिये भारत सरकार के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि किस कारण से ये कदम उठाये गये। प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि जापानी कंपनी ने मध्यस्थता कार्यवाही कहां शुरू की है। रेनो-निसान गठबंधन ने तमिलनाडु में अब तक 6,100 करोड़ रुपये के निवेश विनिर्माण संयंत्र लगाया है। समूह को तमिलनाडु सरकार से राज्य में कारखाना लगाने को लेकर कर प्रोत्साहन समेत कई राहत की पेशकश मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार ने 2015 में कंपनी को प्रोत्साहन नहीं दिया। कंपनी ने इस मामले में हस्तक्षेप के लिये केंद्र से भी आग्रह किया।
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