नई दिल्ली : कालेधन पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच एजेंसियों से आभासी मुद्राओं की जांच और इसके इस्तेमाल पर अंकुश लगाने को कहा है। टीम ने हाल ही में एक बैठक में देश में इस तरह की आभासी मुद्राओं के परिचालन एवं प्रसारण तथा संदिग्ध विदेशी लेनदेन से उसके जुड़ाव की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार एसआईटी की हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में एक बैठक हुई। इस बैठक में देश में आभासी मुद्राओं के परिचालन परिदृश्य के बारे में जानकारी दी गई।
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने बिटकाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को अवैध बताया और आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय तथा मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) से इस तरह की मुद्राओं के इस्तेमाल व लेनदेन को पकड़ने व रोक लगाने को कहा। अधिकारी के अनुसार समिति ने कहा कि वह एक रिपोर्ट बनाएगी जिसे सरकार को सौंपा जाएगा।
इस तरह की मुद्राओं के नियमन के कायदे कानून बनाने का अंतिम अधिकार सरकार को ही है और एसआईटी इस विषय में अपनी रपट पेश करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस बारे में तैयार रपट में भी इस बैठक में चर्चा हुई। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी को अपने भाषाण में कहा था कि आभासी मुद्रा वैध नहीं है। उन्होंने देश में इसके इस्तेमाल को समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई।
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