Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक सख्त कानून लागू करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़े नए कानून का मसौदा तैयार कर लिया गया है, जो फिलहाल परीक्षण की प्रक्रिया में है। परीक्षण पूरा होते ही इसे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
सरकार ने तैयार किया कानून का नया ड्राफ्ट

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में वर्ष 1968 का धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम पहले से लागू है, लेकिन बदलते समय और परिस्थितियों को देखते हुए उसमें आवश्यक संशोधन जरूरी हो गए थे। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून का नया ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें धर्मांतरण की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया गया है।
Illegal Religious Conversion: धर्मांतरण कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई
उन्होंने स्पष्ट किया कि नए कानून के तहत लालच, दबाव या किसी भी अनैतिक तरीके से धर्मांतरण कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य न केवल अवैध और जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाना है, बल्कि कानून के दुरुपयोग को भी रोकते हुए समाज में सौहार्द और शांति बनाए रखना है।
धर्मांतरण पर सख्ती से लगेगा अंकुश

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कानून के अंतिम स्वरूप को सभी कानूनी और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए परखा जा रहा है, ताकि लागू होने के बाद किसी प्रकार की अस्पष्टता या विवाद की स्थिति न बने। सरकार का दावा है कि नया कानून प्रदेश में धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर सख्ती से अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट- आनंद खरे























