वन संरक्षण से आजीविका तक छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग- केदार कश्यप

Chhattisgarh News: वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य में वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण को लेकर सरकार की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि सरकार सतत विकास के साथ हरित आवरण विस्तार और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

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▪️ वन आवरण में ऐतिहासिक वृद्धि
भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान की दिसंबर 2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनाच्छादित है। अत्यंत सघन वनों में 348 वर्ग किमी की वृद्धि पारिस्थितिक संतुलन के सुदृढ़ होने का संकेत है।

▪️ हरित छत्तीसगढ़ और किसान सशक्तिकरण
“एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत 2024 में 4.20 करोड़ तथा 2025 में 2.79 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण व वितरण किया गया।
किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत 36,896 हितग्राहियों की 62,441 एकड़ भूमि पर 3.67 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। पांच एकड़ तक 100% और उससे अधिक पर 50% अनुदान दिया जा रहा है।

▪️ देव स्थलों का संरक्षण और भर्ती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप 435 देवगुड़ियों का निर्माण 16.17 करोड़ रुपये की लागत से किया गया।
वन विभाग में 313 पदों पर भर्ती, 150 अनुकंपा नियुक्तियां और 1484 वनरक्षक पदों की शारीरिक परीक्षा पूर्ण की जा चुकी है।

▪️ बाघ, वनभैंसा और पहाड़ी मैना संरक्षण
गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के गठन के बाद राज्य में बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 35 हो गई है।
इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14–17 वनभैंसे देखे गए हैं।
राज्य पक्षी पहाड़ी मैना संरक्षण हेतु ‘मैना मित्र’ अभियान से अब 600-700 मैना दर्ज की जा रही हैं।

▪️ इको-टूरिज्म और रामसर साइट
गिधवा-परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर एवं बर्ड सफारी प्रारंभ हुई है। बिलासपुर का कोपरा जलाशय देश का 96वां रामसर स्थल घोषित हुआ। राज्य में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र विकसित किए गए, जिनमें 50 से अधिक आत्मनिर्भर हो चुके हैं।

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Chhattisgarh News (Image- Social Media)

▪️ मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण
‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से 355 हाथियों की निगरानी की जा रही है। 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं ताकि ग्रामीणों को समय पर सूचना मिल सके।

▪️ महिला सशक्तिकरण और वन विकास निगम
औषधीय पौध रोपण से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। वन विकास निगम ने ई-ऑक्शन और ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर पारदर्शिता बढ़ाई है। वन अधिकार अधिनियम के तहत 1165 प्रकरणों में विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है।

▪️ एशिया का सबसे बड़ा मरीन फॉसिल पार्क
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में हसदेव नदी किनारे 29 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्मों वाला एशिया का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क स्थित है, जो राज्य की अनूठी धरोहर है।

रिपोर्ट- आशीष शर्मा 

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