छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में रेलवे की तकनीक आधारित प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार

Summary :

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ‘हमर रेलवे, हमर छत्तीसगढ़’ थीम पर आधारित तकनीक आधारित प्रदर्शनी को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रम श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव के समापन समारोह में रेलवे को सम्मानित किया।

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अपनी आधुनिक और तकनीक आधारित प्रदर्शनी के जरिए विशेष पहचान बनाई। ‘हमर रेलवे, हमर छत्तीसगढ़’ थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रम श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शेख समी उर रहमान को यह पुरस्कार प्रदान किया।

छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक अटल नगर, नवा रायपुर में राज्योत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रदर्शनी लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में रेलवे की विकास यात्रा, उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं, अधोसंरचना विस्तार और यात्री सुविधाओं को रोचक एवं अनुभवात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक साज-सज्जा और तकनीक के समन्वय से तैयार इस प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

नई रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं की जानकारी

Chhattisgarh Rajyotsav 2026
Chhattisgarh Rajyotsav 2026

प्रदर्शनी में आकर्षक बैकलिट पैनल्स के माध्यम से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रमुख उपलब्धियों, नई रेल लाइन परियोजनाओं और पूर्ण एवं निर्माणाधीन अधोसंरचना परियोजनाओं की जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों तक रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयासों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही रेलवे परिचालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को दर्शाया गया। इससे आगंतुकों को रेलवे व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और दक्ष बनाने में तकनीक की भूमिका समझने का अवसर मिला।

प्रदर्शनी का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण रायपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का मॉडल रहा। इसके माध्यम से लोगों को स्टेशन के प्रस्तावित आधुनिक स्वरूप और भविष्य में मिलने वाली यात्री सुविधाओं की झलक देखने को मिली। बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित वॉक-थ्रू फिल्म के जरिए आगंतुकों को पुनर्विकसित स्टेशन की परिकल्पना से परिचित कराया गया। इससे लोगों को समझने का अवसर मिला कि आने वाले समय में रायपुर रेलवे स्टेशन किस तरह आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा।

इंजन सिमुलेटर और वीआर गेम जोन ने किया आकर्षित

प्रदर्शनी में स्थापित इंजन सिमुलेटर बच्चों और युवाओं के लिए खास आकर्षण रहा। लोको पायलटों के प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाली इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से आम नागरिकों को भी ट्रेन इंजन संचालन का आभासी अनुभव मिला। बच्चों और युवाओं ने स्वयं सिमुलेटर संचालित कर रेलगाड़ी चलाने का रोमांच महसूस किया। इसके अलावा विशेष वीआर गेम जोन ने भी आगंतुकों को आकर्षित किया।

रेलवे के इतिहास, उपलब्धियों और कार्यप्रणाली पर आधारित क्विज में बच्चों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत पुनर्विकसित स्टेशनों की आकर्षक पृष्ठभूमि के साथ सेल्फी लेने और तत्काल उसका प्रिंट प्राप्त करने की सुविधा भी लोगों को खूब पसंद आई।

3डी डिजिटल स्क्रीन और वंदे भारत ट्रेन का कटआउट बना खास आकर्षण

प्रदर्शनी के प्रवेश द्वार पर स्थापित 3डी एनामॉर्फिक डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से रेलवे की उपलब्धियों को प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया गया। रेलवे की विकास यात्रा पर आधारित विशेष फिल्म ने भी लोगों को रेलवे में हो रहे बदलावों और विकास कार्यों की जानकारी दी। वहीं, प्रवेश द्वार के ऊपर स्थापित वंदे भारत ट्रेन का विशाल कटआउट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। तीन दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में बच्चों, युवाओं, परिवारों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। रेलवे ने अपनी उपलब्धियों को केवल जानकारी तक सीमित न रखते हुए तकनीक और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत किया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को मिला द्वितीय पुरस्कार उसकी अभिनव प्रस्तुति और जनसंपर्क के प्रभावी प्रयासों का सम्मान है। राज्योत्सव में मिली इस उपलब्धि से रेलवे की विकास यात्रा, आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के प्रयासों को नई पहचान मिली है। ‘हमर रेलवे, हमर छत्तीसगढ़’ की भावना के साथ प्रस्तुत इस प्रदर्शनी ने राज्य के विकास में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका को भी प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।