Chhattisgarh Tourism : छत्तीसगढ़ का पर्यटन एवं संस्कृति विभाग आज राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं, वहीं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को आधुनिक सोच और विकासोन्मुख दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
योजनाओं से मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि स्वीकृत कर इस क्षेत्र को अभूतपूर्व मजबूती दी है। पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, शक्तिपीठ भ्रमण योजना और युवा दर्शन योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं से धार्मिक, सांस्कृतिक और युवा पर्यटन को नई गति मिलने जा रही है।
मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में राज्य के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को भी भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। राजिम कुंभ कल्प-2026 की व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा कर उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया, जिसकी व्यापक सराहना हुई।
साहित्यिक और सांस्कृतिक परपम्पराओं पर जोर

राज्य की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव-2026 ने देशभर के साहित्यकारों, कलाकारों और विचारकों को एक मंच पर लाने का कार्य किया। वहीं “बस्तर पंडुम 2026” जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति, लोककला और पारंपरिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
पर्यटन विभाग द्वारा चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, सिरपुर, डोंगरगढ़, बारनवापारा, कांगेर घाटी और बस्तर क्षेत्र जैसे पर्यटन स्थलों के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। ईको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।
संस्कृति का संरक्षण

मंत्री राजेश अग्रवाल लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक संसाधनों का प्रदेश नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति, लोककला, अध्यात्म और परंपराओं की जीवंत भूमि भी है। उनके नेतृत्व में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक आत्मा को संरक्षित रखने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रहा है।


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