Chhattisgarh: सुकमा में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता, 10 माओवादियों ने किया सरेंडर

Chhattisgarh

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सल विद्रोह के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मिली है। दरभा डिवीजन के 10 माओवादियों ने शुक्रवार को सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले कैडरों पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम था। कैडरों में मीडियम भीमा भी शामिल था, जिस पर अकेले 8 लाख रुपए का इनाम था। इस ग्रुप में शामिल छह महिलाओं ने एक एके-47, दो एसएलआर और एक बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) जैसे हथियार सौंपे, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी गई पुनर्वास नीति को अपनाने का उनका फैसला दिखा।

Chhattisgarh: सीएम साय ने एक्स पर किया पोस्ट

इस दौरान अधिकारियों ने यह भरोसा दिया कि रिहैबिलिटेशन पॉलिसी हिंसा छोड़ने वालों के लिए इज्जत, रोजी-रोटी और समाज में फिर से शामिल होने की गारंटी देती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अब तेजी से हो रहा साकार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर आज ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है।

Chhattisgarh
Chhattisgarh

10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

आज पुनः सुकमा जिले में पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन कार्यक्रम के तहत दरबा डिवीजन कमेटी सहित विभिन्न नक्सली संगठनों के 10 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का मार्ग चुना है। इनमें 6 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम घोषित था। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा, हिंसा के मार्ग में न वर्तमान सुरक्षित है, न भविष्य। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पुनर्वास नीति आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, सुरक्षा, आजीविका और समाज में पुनर्स्थापना की गारंटी देती है। मुख्यधारा में लौटकर वे अपने परिवारों के साथ स्थायी, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं।

Chhattisgarh
Chhattisgarh

Chhattisgarh: नक्सलवाद मुक्त राज्य बनाने पर जोर

सीएम साय ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को पूर्णत: नक्सलवाद मुक्त बनाना और बस्तर को विकास, विश्वास और अवसरों की नई पहचान देना है। बता दें कि हाल ही में बदनाम कमांडर हिडमा के खात्मे और लगातार सरेंडर के बाद, सिक्योरिटी एजेंसियों को उम्मीद है कि और माओवादी हथियार डालेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अगले हफ्ते छत्तीसगढ़ आने वाले हैं। यह दौरा इन बढ़त को और पक्का करने के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है।

ALSO READ: Parliament Terror Attack 2001: संसद पर हमले की 24वीं बरसी आज, जानें कैसे हुआ था लोकतंत्र के मंदिर पर सबसे बड़ा हमला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

Related Posts

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।