MCD News : दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में शुक्रवार को बुलाए गए विशेष सदन का आम आदमी पार्टी ने बहिष्कार कर दिया। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि सदन की बैठक अचानक ऐसे समय बुलाई गई, जब पार्टी के पार्षद और कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। उन्होंने दावा किया कि पार्षदों को प्रदर्शन में जाने से रोकने के उद्देश्य से ही तत्काल बैठक रखी गई।
नारंग ने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर विशेष सदन बुलाने के पीछे जनहित के बजाय राजनीति की गई। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि निगम में सफाई व्यवस्था, कूड़े के ढेर, जलभराव और बदहाल नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सत्तापक्ष दिखावे की राजनीति कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में भाजपा के कुछ ही पार्षद दिखाई दिए और विपक्ष ने बैठक से दूरी बनाए रखी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि शुक्रवार को जंतर-मंतर की ओर जा रहे युवाओं को विभिन्न स्थानों पर रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को पुलिस कार्रवाई और मुकदमे का डर दिखाया गया।
नारंग ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध रोकने के मोर्चे पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं, जबकि प्रदर्शन में जाने वाले युवाओं को रोकने के लिए सख्ती दिखाई गई। ये सभी आरोप नारंग ने अपने बयान में लगाए हैं। नारंग ने विशेष सदन की तारीख को लेकर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ही महापौर की माता की क्रिया और अंतिम भोग था, इसके बावजूद सदन की बैठक रखी गई।
उन्होंने महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे का उल्लेख करते हुए भाजपा पर गांधी जयंती के दिन भी राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। एमसीडी की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए नारंग ने कहा कि दिल्ली के लोग साफ सड़कें और गलियां, कूड़ा मुक्त ढलाव, जलभराव से राहत और बेहतर नागरिक सुविधाएं चाहते हैं। इसके उलट कई इलाकों में कूड़े और जलभराव की समस्या बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के दौरान कई हिस्सों में जलभराव ने निगम की तैयारियों की पोल खोल दी।


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