नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि सेना के लोग युद्ध की स्थिति में तैयार होने में छह से सात महीने का वक्त लगा सकते हैं लेकिन हमारे लोग यानी संघ के कार्यकर्ता दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे। अगर कभी देश को जरूरत हो और संविधान इजाजत दे तो स्वयं सेवक मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने छह दिवसीय मुजफ्फरपुर यात्रा के अंतिम दिन रविवार की सुबह जिला स्कूल मैदान में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ मिलिट्री संगठन नहीं है। यह एक पारिवारिक संगठन है, परन्तु संघ में मिलिट्री जैसा अनुशासन है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक मातृभूमि की रक्षा के लिए हंसते-हंसते बलिदान देने को तैयार रहते हैं।
डॉ. भागवत ने कहा कि देश की विपदा में स्वयंसेवक हर वक्त मौजूद रहते हैं। उन्होंने भारत-चीन के युद्ध की चर्चा करते हुए कहा कि जब चीन ने हमला किया तो सिक्किम सीमा क्षेत्र के तेजपुर से पुलिस-प्रशासन के अधिकारी डरकर बोरिया-बिस्तर लेकर भाग खड़े हुए। उस समय संघ के स्वयंसेवक सीमा पर मिलिट्री फोर्स के आने तक डटे रहे। स्वयंसेवकों ने तय किया कि अगर चीनी सेना आयी तो बिना प्रतिकार के उन्हें अंदर प्रवेश करने नहीं देंगे। स्वयंसेवकों को जब जो जिम्मेवारी मिलती है, उसे बखूबी निभाते हैं।
शाखा से निकले व्यक्ति की विशिष्ट पहचान
डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि प्रत्येक दिन शाखाओं में एक घंटे के खेल और बौद्धिक में शामिल होने वाला व्यक्ति जीवन के किसी भी क्षेत्र में जाएगा, उसकी विशिष्ट पहचान बनेगी। वे हर क्षेत्र में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे। चाहे वह आजीविका को लेकर व्यापार करें या प्रशासनिक सेवाओं में जायें। उन्होंने स्वयंसवेकों से व्यक्तिगत, पारिवारिक व सामाजिक जीवन में सजगता से आचरण की शुद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
लक्ष्य पूरा होने पर संघ का विसर्जन
सरसंघचालक ने कहा कि जिस दिन भारत वर्ष में परम वैभव संपन्न हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हो जाएगी, उसी दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का विसर्जन कर दिया जाएगा। उसके बाद संघ नहीं रहेगा, हां स्वयंसेवक बंधुत्व की भावना से एक-दूसरे से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि स्वयं सेवक तन-मन-धन से संपूर्ण देश को अपना मानता है। उन्होंने समय और अनुशासन का पालन करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसकी अनदेखी से संघ का कुछ नहीं बिगड़ता है, गलती करने वाले की आदत खराब होती है।
शाखाओं में अधिक जाने पर जोड़
मोहन राव भागवत ने कहा कि स्वयंसेवकों को प्रत्येक दिन शाखा में जाना चाहिए। अगर प्रत्येक दिन नहीं तो प्रत्येक सप्ताह में। अगर उससे भी न हो तो महीने में एक बार जरूर जाएं। अगर समय का बहुत अभाव हो तो संघ के मूल 6 कार्यक्रमों और ऐसे बौद्धिक में निश्चित भाग लेना चाहिए। हमें अच्छी चीजों को अपनी आदतों में शामिल करना चाहिए। मंच पर सरसंघचालक मोहन राव भागवत, क्षेत्र संघचालक सद्धिीनाथ सिंह और मुजफ्फरपुर महानगर संघचालक संजय मुरारका उपस्थित थे। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा, कुढनी विधायक केदार गुप्ता एवं अजय कुशवाहा भी गणवेश में शामिल थे।
अधिक जानकारियों के लिए यहाँ क्लिक करें।


Download Android App
Download iOS App



