पीतमपुरा पैसिफिक मॉल में अवैध निर्माण का आरोप, डीएमआरसी, डीडीए व एमसीडी पर उठे सवाल

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Delhi News : राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और बिना स्वीकृत नक्शों के हो रहे व्यावसायिक संचालन को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और नगर निगम (एमसीडी) सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कगि पीतमपुरा स्थित पैसिफिक मॉल में अवैध निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आयी हैं। हांलाकि इस मामले में डीडीए, डीएमआरसी व एमसीडी हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। ​ डीडीए उपाध्यक्ष को भेजी गई शिकायत के मुताबिक, डीएमआरसी की संपत्ति विकास परियोजना के तहत निर्मित पैसिफिक मॉल में स्वीकृत एफएआर (एफएआर) और सुरक्षा मानकों का बड़ा…

Delhi News : राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और बिना स्वीकृत नक्शों के हो रहे व्यावसायिक संचालन को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और नगर निगम (एमसीडी) सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कगि पीतमपुरा स्थित पैसिफिक मॉल में अवैध निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आयी हैं। हांलाकि इस मामले में डीडीए, डीएमआरसी व एमसीडी हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। ​

डीडीए उपाध्यक्ष को भेजी गई शिकायत के मुताबिक, डीएमआरसी की संपत्ति विकास परियोजना के तहत निर्मित पैसिफिक मॉल में स्वीकृत एफएआर (एफएआर) और सुरक्षा मानकों का बड़ा उल्लंघन हुआ है। मॉल को केवल पांच मंजिलों तक सीमित रखने की मंजूरी थी, लेकिन डेवलपर ने सात मंजिल, मेजनाइन और रैक स्लैब बनाकर इसे नौ-स्तरीय ढांचा बना दिया है। इसके अलावा, फायर टेंडर के आवागमन के लिए आवश्यक 12 मीटर के सेटबैक को बाधित किया गया है और सातवीं मंजिल की छत को ढककर व्यावसायिक रसोई घर चलाए जा रहे हैं।

आरोप है कि यह संचालन बिना किसी वैध बिल्डिंग प्लान सैंक्शन, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) के किया जा रहा है। साथ ही, मानकों के विपरीत पर्याप्त शौचालयों का निर्माण भी नहीं किया गया है। मामले में डीईआरए के समक्ष डीएमआरसी ने स्पष्ट किया था कि निर्माण की पूरी जिम्मेदारी डेवलपर की है। आरोप है कि इस मामले में डीडीए द्वारा तीन दिसंबर 2025 को जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मामले को लेकर वार्ड 57 के निगम पार्षद डॉ. अमित नागपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों को शिकायतें भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। इन शिकायतों में पैसिफिक मॉल में स्वीकृत भवन योजना के कथित उल्लंघन से लेकर मेट्रो पिलर के नीचे स्थायी निर्माण और प्रस्तावित सड़क के रास्ते में अतिक्रमण तक के मुद्दे उठाए गए हैं। डा. अमित नागपाल ने बताया कि मॉल प्रबंधकों ने अवैध रूप से पार्किंग का संचालन कर रहे हैं। पार्षद डॉ. अमित नागपाल ने मेट्रो की रेड लाइन के पिलर संख्या 296 से 300 के बीच और उनके आसपास स्थायी निर्माण किए जाने का आरोप लगाया है।

पांच मंजिल की अनुमति, नौ स्तर तक निर्माण का आरोप

डीडीए के उपाध्यक्ष को भेजी गई शिकायत के मुताबिक, डीएमआरसी की संपत्ति विकास परियोजना के तहत निर्मित पैसिफिक मॉल में स्वीकृत फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) और भवन निर्माण संबंधी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मॉल को पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन डेवलपर ने सात मंजिलों के अलावा मेजनाइन और रैक स्लैब का निर्माण कर इसे नौ स्तर तक विस्तारित कर दिया। इसके अलावा, अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए जरूरी 12 मीटर के सेटबैक क्षेत्र में भी बाधा उत्पन्न होने का आरोप है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सातवीं मंजिल की छत को ढककर वहां व्यावसायिक रसोई संचालित की जा रही हैं।

डीडीए ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस

इस मामले में डीडीए के भवन विभाग ने 3 दिसंबर 2025 को पैसिफिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में संपत्ति पर अवैध और अनधिकृत निर्माण किए जाने का उल्लेख करते हुए दिल्ली विकास अधिनियम, 1957 की धारा 30(1) और 31-ए के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। डीडीए ने संबंधित डेवलपर को कथित अनधिकृत निर्माण तत्काल बंद करने का निर्देश देते हुए 15 दिनों के भीतर जवाब और भवन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था।

इसके साथ ही 15 दिसंबर 2025 को सुनवाई के लिए उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया था। नोटिस की प्रतियां डीएमआरसी के महाप्रबंधक और डीडीए के संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई थीं। इसमें अवैध निर्माण को गिराने और सील करने की कार्रवाई किए जाने की संभावना का भी उल्लेख था। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

 

Sumant Chaudhary