मध्यप्रदेश की राज्यपाल राज्यपाल श्रीमती अनंदीबेन पटेल ने कहा है कि जिसको शिक्षा नहीं मिलती है, उसका जीवन संर्घषणूर्ण रहता है। जो शिक्षित होता है, वह जीवन को खेल की तरह सरलता से जीता है। श्रीमती पटेल ने यह बात आईईएस इन्स्टीटयूट में आयोजित शिक्षकों के वर्कशाप में कही। उन्होंने आगे कहा कि जो विद्यार्थी शिक्षा के साथ गुरू के बताए मार्ग पर चलता है, उसका जीवन उत्साहपूर्ण हो जाता है।
सही शिक्षा वह है, जिससे युवा जीवन में गलत रास्ते पर चलने से बच जाये। शिक्षकों को छात्र-छात्राओं के मानसिक विकास के लिए भी प्रयास करना चाहिए। छात्र-छात्राओं को जवाबदारी सौंपनी चाहिए, जिससे वे आत्म-निर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि आज समाज में कई प्रकार की विकृतियाँ आ रही हैं। हमें समाज से विकृति दूर करने का प्रयास करना चाहिये और बेटियों को पढ़ने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। एक बेटी जब पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।
हमारी संस्कृति दूसरे की मदद करने की है। हमें हमेशा कमजोर की मदद करना चाहिये। बच्चों में कोर्स की पुस्तकें पढ़ने के अतिरिक्त अन्य पुस्तकें पढ़ने की आदत भी डालें। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को वृक्षारोपण करने और उसकी सुरक्षा का दायित्व भी निभाना चाहिए। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के दौरान उनके जीवन पर आधारित झाँकियाँ शिक्षण संस्थाओं में लगाई जायें। उनसे संबंधित प्रश्नावली तैयार कर छात्रों से उसके उत्तर लिखवायें। इससे युवाओं को गांधी जी के संबंध में जानने का अवसर मिलेगा।
शिक्षक छात्र-छात्राओं को जातपात और भेदभाव से ऊपर उठकर देश हित में एक साथ रहने की शिक्षा दें। इंटरनेशनल फेम लाइफ कोच प्रो। प्रजेश टोस्की ने कहा कि नैतिक और सांस्कृतिक शिक्षा सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से शिक्षा का देश, समाज और परिवार के लिए सही उपयोग करने आव्हान किया। उन्होंने उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर इंटरनेशनल फेम लाइफ कोच प्रो। प्रजेश टोस्की विशेष रूप से उपस्थित थे।


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