केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद, दिल्ली पुलिस आयुक्त और सरकार के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, केंद्रीय गृह सचिव और आईबी प्रमुख के साथ-साथ गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की ‘डबल इंजन सरकार’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षाओं के अनुरूप विकसित और सुरक्षित दिल्ली के लिए दोगुनी गति से काम करेगी।
बैठक में नवगठित दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ शहर में कानून-व्यवस्था के लिए उभरते खतरों से निपटने के लिए पुलिसिंग उपायों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
अमित शाह ने कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को देश में घुसने, उनके दस्तावेज बनवाने और उन्हें यहां रहने की सुविधा देने वाले पूरे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अवैध घुसपैठियों का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए और उनकी पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाना चाहिए। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले थानों और सब-डिवीजनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अंतरराज्यीय गिरोहों को निर्मम तरीके से खत्म करना दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। नशीले पदार्थों के मामलों में ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की नीति से काम करें और इसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करें। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि दिल्ली में निर्माण से संबंधित मामलों में दिल्ली पुलिस की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
साल 2020 के दिल्ली दंगों के मामलों के त्वरित निपटान के लिए दिल्ली सरकार को विशेष अभियोजकों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि इन मामलों का जल्द निपटारा किया जा सके। दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए।
अमित शाह ने कहा, “डीसीपी स्तर के अधिकारी थानों में जाकर जनसुनवाई शिविर लगाएं और जनता की समस्याओं का समाधान करें। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए जेजे क्लस्टरों में नई सुरक्षा समितियां बनाई जाएं। दिल्ली पुलिस को उन जगहों की पहचान करनी चाहिए, जहां रोजाना ट्रैफिक जाम होता है और दिल्ली पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को बैठक कर इसका त्वरित समाधान निकालना चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके। दिल्ली सरकार को जल-जमाव वाले स्थानों की पहचान करके जल-जमाव से निपटने के लिए ‘मानसून एक्शन प्लान’ तैयार करना चाहिए।”


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