CBSE Revaluation Portal : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर बोर्ड ने नए वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के आवेदन के लिए 6 जून तक का समय दिया। पोर्टल पर बड़ी संख्या में छात्र आवेदन जमा कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 43,980 आवेदनों को सफलतापूर्वक स्वीकार किया गया है।
दोपहर 12 बजे तक पोर्टल पर आए कुल 43,980 आवेदनों को दो मुख्य भागों में बांटा गया है। कुल 4,924 छात्रों ने केवल मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई किया है। इस प्रक्रिया में छात्र यह जांच करवा रहे हैं कि उनकी आंसर शीट में नंबर जोड़ने टोटलिंग में कोई भूल तो नहीं हुई है। सबसे बड़ी संख्या पुनर्मूल्यांकन चाहने वाले छात्रों की है, जहां 39,056 आवेदनों के साथ छात्र सीधे अपने लिखे हुए जवाबों की दोबारा गहन जांच की मांग कर रहे हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि छात्रों को अपने प्रदर्शन पर कितना अटूट भरोसा है।
CBSE ने अब फीस भुगतान व्यवस्था को बेहद सरल कर दिया है। चार नए पेमेंट गेटवे जोड़े गए हैं. इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक है। बोर्ड ने यह भी बताया कि यह जरूरी नहीं है कि इन बैंकों में छात्रों का खाता हो। छात्र किसी भी बैंक के खाते, यूपीआई , नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए आसानी से फीस चुका सकते हैं। इस कदम से ट्रांजैक्शन फेल होने की दिक्कतें खत्म होंगी।
CBSE Revaluation : छह जून 2026 तक का ही समय उपलब्ध
CBSE ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए बहुत ही सीमित समय दिया है। छात्रों के पास इस ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करने और निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए छह जून 2026 तक का ही समय उपलब्ध है। इस तय समय-सीमा के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा और किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन या देरी से आए आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
CBSE ने हालिया विवादों को देखते हुए छात्रों के हित में इस बार रीचेकिंग की फीस को काफी कम कर दिया है। प्रति कॉपी सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब सिर्फ ₹100 प्रति आंसर बुक के वेरिफिकेशन शुल्क और महज ₹25 प्रति प्रश्न की री-इवैल्यूएशन फीस के साथ छात्र अपनी आपत्ति दर्ज करा पा रहे हैं। फीस घटने की वजह से छात्र बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने अधिकारों के लिए आगे आ रहे हैं।


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