Arvind Kejriwal Acquitted: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और नेता मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने CBI को फटकार लगाते हुए और पर्याप्त सबूत ना होने पर शराब नीति केस से बरी कर दिया है। कोर्ट ने बताया कि चार्जशीट में काफी खामियां है और सबूत ना होने के कारण सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल पत्रकारों से बातचीत करते हुए भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे।
Kejriwal Emotional After Court Verdict

केजरीवाल ने कोर्ट के फैसले को न्याय और सच की जीत बताया। साथ ही सुनिता केजरीवाल ने भी कोर्ट के फैसले को सच की जीत बताया है। कोर्ट ने सभी आरोपों से सबूत के अभाव के कारण बरी कर दिया है। दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अदालत के बाहर भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि वे भ्रष्ट नहीं हैं।
#WATCH दिल्ली: AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले कुछ सालों से भाजपा जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमें… https://t.co/ddwZ2WVGJL pic.twitter.com/uBv5PZiMqW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 27, 2026
Arvind Kejriwal Acquitted

पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष पांच नेताओं को निशाना बनाकर उसे खत्म करने की योजना बनाई है लेकिन सत्य की हमेशा जीत होती है।
Court Relief AAP Leaders
केजरीवाल ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के दौरान केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को ईमानदार बताया हैं। आज अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हम हमेशा से कहते आए हैं कि सच्चाई की जीत होती है। हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। मुख्यमंत्री को उनके घर से घसीटकर जेल में डाल दिया गया। केजरीवाल भ्रष्ट नहीं हैं। मैंने अपने जीवन में सिर्फ ईमानदारी ही कमाई है। आज अदालत ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी ईमानदार हैं।
Delhi Liquor Policy Case
यह कथित घोटाला दिल्ली सरकार की 2021-22 की उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित है, जिसे लाइसेंसिंग और मूल्य निर्धारण तंत्र में अनियमितताओं के आरोपों के बीच बाद में वापस ले लिया गया था। बता दें कि केंद्रीय एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल और सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने शराब लाइसेंसधारियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतिगत रियायतों के बदले ‘दक्षिण समूह’ के नाम से जाने जाने वाले एक गिरोह से रिश्वत स्वीकार की थी।
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