केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बृहस्पतिवार को पेश अंतरिम बजट में स्कूली शिक्षा विभाग के लिए अबतक का सबसे अधिक बजट आवंटित किया गया है। केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में स्कूली शिक्षा के लिए 73,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।
- सरकारी स्कूलों को मॉडल में अपग्रेड करने की योजना
- 73,498 करोड़ रुपये का बजट आवंटन
- परिव्यय में इस वर्ष वृद्धि
स्कूली शिक्षा के लिए 73,008.10 करोड़ रुपये का प्रावधान
पिछले वित्त वर्ष के संशोधित बजटीय अनुमान (आरई) 72,473.80 करोड़ रुपये के मुकाबले अंतरिम बजट में स्कूली शिक्षा के लिए 73,008.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने पिछले साल पेश मूल बजट में इस विभाग को 68,804.85 करोड़ रुपये आवंटित किये थे।
सरकारी स्कूलों को मॉडल में अपग्रेड करने की योजना
शिक्षा मंत्रालय की योजना ‘पीएम श्री’ के लिए 2023-24 के संशोधित बजट आवंटन 2,800 करोड़ रुपये के मुकाबले 2024-25 में 6,050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूलों में अपग्रेड करने की इस योजना के कुल बजट में 3,250 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।
73,498 करोड़ रुपये का बजट आवंटन
समग्र शिक्षा अभियान, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों जैसी सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के परिव्यय में इस वर्ष वृद्धि देखी गई है। शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 73,498 करोड़ रुपये का बजट आवंटन स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के लिए किया गया है, जो अब तक का सबसे अधिक आवंटन है।


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