नई दिल्ली : अब कांग्रेस के पास समय नहीं बचा है। अगले दो दिन यानी की बुधवार तक कांग्रेस को दिल्ली के लिए कोई न कोई स्टैंड लेना ही पड़ेगा। 11 अप्रैल को जब देश में पहले चरण का मतदान हो रहा होगा, उसी समय दिल्ली में सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (सीईसी) की बैठक हो रही होगी। यानी अब दिल्ली के बारे में सोचने के लिए कांग्रेस के पास सिर्फ दो दिन है, दो दिन के भीतर उन्हें अपने प्रत्याशी तय करने होंगे। कांग्रेस या तो सभी सातों सीटों पर प्रत्याशी तय करेगी या फिर आप के साथ गठबंधन करेगी, लेकिन गठबंधन के बाद भी प्रत्याशी तो तय करना ही होगा।
ताकी सीईसी की बैठक के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की जा सके। गौरतलब है कि दिल्ली में आप के साथ गठबंधन को लेकर रोज नए शगूफे सुनने को मिल रहे हैं। आप पार्टी दिल्ली में गठबंधन के आधार पर हरियाणा में भी सौदा करना चाहती है, लेकिन पार्टी ने हरियाणा में साफ मना कर दिया कि वह गठबंधन नहीं करेगी। इस बात से आप आहत है, अब आप कह रही है कि दिल्ली में गठबंधन भी नहीं करेगी। इधर कांग्रेस में गठबंधन को लेकर दो अलग-अलग गुट बने हुए हैं।
शीला एंड कंपनी अंदर मन से गठबंधन नहीं चाहती है लेकिन फैसला राहुल गांधी पर छोड़ा हुआ है। दूसरी तरफ अजय माकन और पीसी चाको गठबंधन के पक्ष में लगातार पैरवी कर रहे हैं। अब कांग्रेस का इस पर ज्यादा सोच विचार करने का समय भी नहीं बचा है। 11 अप्रैल को सीईसी की बैठक है, उस बैठक के बाद प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी। कांग्रेस ने अपने सातों सीटों पर प्रत्याशियों के तीन-तीन नामों की सूची है। इसमें अंतिम फैसला सीईसी को ही लेना है।
अब देखना है कि उस दिन सातों सीटों पर प्रत्याशी घोषित होंगे या फिर आप पार्टी के साथ गठबंधन के बाद 4-3 के कथित फार्मूले से तीन सीटों पर।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस में टिकटों को लेकर भी घमासान है। नाम भी इधर से उधर उछल रहे हैं। मसलन अजय माकन का नाम नई दिल्ली के अलावा चांदनी चौक से भी सामने आ रहा है। चांदनी चौक से कपिल सिब्बल का भी नाम सामने आ रहा है।
– सुरेन्द्र पंडित


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