अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में गिरफ्तार कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल की याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को शनिवार को नोटिस जारी किया। दरअसल, मिशेल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी आरोपपत्र की प्रति मीडिया में लीक कर मामले का राजनीतिकरण कर रही है।
वहीं दूसरी ओर, जांच एजेंसी ने यह छानबीन करने की मांग की है कि आरोपपत्र की प्रति मीडिया को कैसे लीक हुई और एक समाचार संगठन को नोटिस जारी कर उससे यह बताने को कहा है कि ये दस्तावेज उसे कैसे हासिल हो गए। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने जांच एजेंसी को नोटिस जारी कर मिशेल की याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दरअसल, याचिका में कहा गया है कि उसने (मिशेल ने) प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दौरान इस सौदे के संबंध में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया था और यहां तक कि अदालत ने भी अपने समक्ष दाखिल दस्तावेजों पर कोई संज्ञान नहीं लिया जबकि पूरे मामले को मीडिया में सनसनीखेज बनाने के लिए एजेंसी ने आरोपपत्र को लीक किया।
अदालत आरोपपत्र की प्रति मीडिया में लीक होने संबधी मामले पर 11 अप्रैल को विचार करेगी। अदालत ने मिशेल के कारोबारी साझेदार और बिचौलिये डेविड निगेल जॉन सिम्स को मामले में आरोपी के तौर पर समन जारी किया है। सिम्स का नाम आरोपपत्र में आरोपी के तौर पर दर्ज है और उसे नौ अप्रैल को अदालत में पेश होना होगा।


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