धूल भरी आंधी से दिल्ली की हवा हुई खराब, AQI पहुंचा 228; ग्रैप स्टेज-I लागू नहीं

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Delhi AQI : राजधानी दिल्ली में सोमवार को धूल भरी आंधी के कारण वायु गुणवत्ता में अचानक गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बुलेटिन के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई बढ़कर 228 पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह स्तर 127 था। वायु गुणवत्ता में आई इस अचानक गिरावट को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैप (ग्रैप) उप-समिति ने शाम 4 बजे बैठक कर दिल्ली-एनसीआर की मौजूदा वायु गुणवत्ता स्थिति, मौसम संबंधी परिस्थितियों तथा आगामी दिनों के एक्यूआई पूर्वानुमान की समीक्षा…

Delhi AQI : राजधानी दिल्ली में सोमवार को धूल भरी आंधी के कारण वायु गुणवत्ता में अचानक गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बुलेटिन के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई बढ़कर 228 पहुंच गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह स्तर 127 था।

वायु गुणवत्ता में आई इस अचानक गिरावट को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैप (ग्रैप) उप-समिति ने शाम 4 बजे बैठक कर दिल्ली-एनसीआर की मौजूदा वायु गुणवत्ता स्थिति, मौसम संबंधी परिस्थितियों तथा आगामी दिनों के एक्यूआई पूर्वानुमान की समीक्षा की।

आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होने की संभावना

बैठक में बताया गया कि दिनभर चली धूल भरी आंधी के कारण एक्यूआई में तेज बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) द्वारा उपलब्ध कराए गए मौसम और वायु गुणवत्ता पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

उप-समिति ने समीक्षा के बाद कहा कि मौसमीय परिस्थितियां और डायनामिक मॉडल संकेत दे रहे हैं कि आगामी दिनों में दिल्ली का एक्यूआई फिर से ‘मॉडरेट’ यानी मध्यम श्रेणी में लौट सकता है। इसी वजह से फिलहाल ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के स्टेज-I प्रतिबंध लागू करने की आवश्यकता नहीं समझी गई। सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वायु गुणवत्ता में किसी भी बदलाव के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण स्तर की नियमित समीक्षा करता रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर आगे के कदम तुरंत उठाए जाएंगे।

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Avinay