कोरोना वायरस जैसी घातक बीमारी से जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजे के फैसले के बाद एक और बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली विधानसभा सत्र के दूसरे दिन जब उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोविड से जान गंवाने वाले लोगों को मुआवजा देने की दिल्ली सरकार की शक्ति छीन ली है, तो भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।
सिसोदिया ने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता को “निरर्थक बात” नहीं करने को लेकर आगाह भी किया। गुप्ता ने पूछा था कि महामारी से मृत लोगों के आश्रितों को दिल्ली सरकार अनुकंपा के आधार पर नौकरी क्यों नहीं दे रही है? सिसोदिया ने इसके जवाब में भाजपा की आलोचना की और कहा कि उन्हें इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह और तथा उपराज्यपाल के पास जाकर सवाल करना चाहिए।
सिसोदिया ने कहा, “केजरीवाल सरकार, ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी के देहांत के बाद उसके परिजन को नौकरी देने के पक्ष में है लेकिन यह सेवा विभाग के अंतर्गत आता है जो दिल्ली के उपराज्यपाल के अधीन है।” इस मामले में शाह का नाम लिए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सदन में अमित शाह जिंदाबाद के नारे लगाए और भाजपा के अन्य विधायकों के साथ बहिर्गमन किया।


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