क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के करीबी समेत दो गिरफ्तार

Summary :

Delhi : दिल्ली में जमीन पर अवैध कब्जे के लिए 12 राउंड गोलियां चलाकर दहशत फैलाने वाले कुख्यात तिल्लू ताजपुरिया गैंग को क्राइम ब्रांच ने बड़ा झटका दिया है। महीनों तक चली गुप्त निगरानी, तकनीकी जांच और सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की दो टीम ने गैंग के सक्रिय सदस्य संदीप उर्फ दागू महाराज और उसके साथी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई काली स्कॉर्पियो-एन एसयूवी बरामद की है। स्पेशल सीपी एच.जी.एस. धालीवाल ने बताया कि आरोपी एसीपी गिरीश कौशिक…

Delhi : दिल्ली में जमीन पर अवैध कब्जे के लिए 12 राउंड गोलियां चलाकर दहशत फैलाने वाले कुख्यात तिल्लू ताजपुरिया गैंग को क्राइम ब्रांच ने बड़ा झटका दिया है। महीनों तक चली गुप्त निगरानी, तकनीकी जांच और सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की दो टीम ने गैंग के सक्रिय सदस्य संदीप उर्फ दागू महाराज और उसके साथी दीपक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई काली स्कॉर्पियो-एन एसयूवी बरामद की है। स्पेशल सीपी एच.जी.एस. धालीवाल ने बताया कि आरोपी एसीपी गिरीश कौशिक की निगरानी और इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने पकड़ा है।

पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर 2025 को अलीपुर के रामजानपुर गांव में एक विवादित जमीन पर कब्जा करने के लिए 30 से 45 हथियारबंद बदमाश पहुंचे थे। आरोपियों ने करीब 12 राउंड फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। लाठी-डंडों से लोगों पर हमला किया गया और प्लॉट का ताला तोड़कर कब्जा करने की कोशिश की गई। इस मामले में अलीपुर थाने में हत्या के प्रयास, दंगा और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था टीम ने लगातार तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर नरेला इलाके में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी स्कॉर्पियो में पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया। भागने की कोशिश के बाद दोनों को दबोच लिया गया।

चार साल पहले टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़ा आरोपी

पूछताछ में संदीप ने खुलासा किया कि वह वर्ष 2022 में जेल से बाहर आने के बाद टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़ गया था। गैंग के सदस्यों ने उसे सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि विवादित जमीन पर कब्जा करने की साजिश के तहत वह हथियार लेकर मौके पर पहुंचा था और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर फायरिंग की थी।

जांच में सामने आया कि संदीप के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं, जबकि उसके साथी दीपक पर भी हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब फरार गैंग सदस्यों की तलाश और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

यह भी पढ़ें : शाहदरा के विकास कार्यों पर एमसीडी आयुक्त की सख्ती, अफसरों को दिए समयबद्ध काम के निर्देश

Avinay