Delhi Government Initiative : दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) की दाखिला प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों के एफिलिएशन व प्रवेश नियमों में संशोधन करते हुए ‘रैंक-कैपिंग’ को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब खाली सीटों को भरने में आसानी होगी। आशीष सूद की इस पहल को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू व मुख्यमंत्री रेखा ने मंजूरी दे दी है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने जारी किया अंतरिम आदेश
इस बारे में उच्च शिक्षा निदेशालय ने आईपीयू से संबद्ध सेल्फ-फाइनेंसिंग कॉलेजों की संबद्धता, प्रवेश और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया है। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश अथवा उप-समिति की अंतिम सिफारिशें आने तक प्रभावी रहेगी।
एनओसी और इंटेक तय करने के नियमों में बदलाव
जारी आदेश के अनुसार, अब विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश क्षमता (इंटेक) तय करने के लिए संबंधित वैधानिक नियामक संस्थाओं की स्वीकृति को ही अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने का आधार माना जाएगा। जिन पाठ्यक्रमों के लिए वैधानिक नियामक संस्थाओं के मानक उपलब्ध हैं, उन्हीं के अनुरूप निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप एरिया) संबंधी मानदंड लागू होंगे। जिन पाठ्यक्रमों पर ऐसे मानक लागू नहीं हैं, वहां 12 जनवरी 2016 की नीति दिशानिर्देश प्रभावी रहेंगे।
खाली सीटें भरने के लिए रैंक-कैपिंग खत्म
उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवेश प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रैंक-कैपिंग की मौजूदा व्यवस्था समाप्त कर दी है। विभाग का कहना है कि हर वर्ष विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों की बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती थीं, जिससे उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था।
डीटीयू-एनएसयूटी मॉडल पर होगी फिजिकल काउंसलिंग
इसके अलावा, ऑफलाइन फिजिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया भी बदली गई है। अब आईपीयू में प्रवेश के लिए फिजिकल काउंसलिंग उसी मॉडल पर आयोजित होगी, जैसा दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू), नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी), इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी महिला विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान-दिल्ली (आईआईआईटी-दिल्ली) में अपनाया जाता है। इसके तहत काउंसलिंग वाले दिन उपस्थित अभ्यर्थियों की ही मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी दिन उपलब्ध रिक्त सीटों का आवंटन उनकी मेरिट के आधार पर किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एंजल भाटी चौहान द्वारा जारी यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बाद जारी किया गया है।


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