दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के मद्देनजर कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर लगी रोक पर विचार करने का मंगलवार को निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने पुलिस से जनहित और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मामले पर गौर करने को कहा।
कोर्ट ने वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दाखिल जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह बात कही। याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के कारण एक माह से बंद चल रहे कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग और ओखला अंडरपास को खोलने का निर्देश देने की मांग की गयी थी। यह एक अस्थायी कदम था लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया।

जनहित याचिका में कहा गया कि कालिंदी कुंज वाला रास्ता दिल्ली, फरीदाबाद (हरियाणा) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने की वजह से बहुत महत्व रखता है। लेकिन अब लोगों को डीएनडी एवं अन्य वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति बन रही है और साथ ही समय तथा ईंधन की बर्बादी भी हो रही है।


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