दिल्ली मेट्रो में हर दिन औसतन 27 सामान गायब! दो साल में 19,491 शिकायतें

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Delhi Metro : दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान सामान गायब होने की घटनाएं मामूली नहीं हैं। पिछले दो वित्तीय वर्षों में यात्रियों ने 19,491 सामान के खोने या गायब होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं। यानी औसतन हर दिन करीब 27 सामान के गायब होने की सूचना मेट्रो के खोया-पाया प्रकोष्ठ तक पहुंची। राहत की बात यह है कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत सामान डीएमआरसी ने उनके मालिकों तक वापस पहुंचा दिए। डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो में सबसे अधिक लंच बॉक्स, पानी की बोतल, छाते, ईयरबड्स, कलाई घड़ियां और पिट्ठू बैग छूटने या गायब होने की शिकायतें…

Delhi Metro : दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान सामान गायब होने की घटनाएं मामूली नहीं हैं। पिछले दो वित्तीय वर्षों में यात्रियों ने 19,491 सामान के खोने या गायब होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं। यानी औसतन हर दिन करीब 27 सामान के गायब होने की सूचना मेट्रो के खोया-पाया प्रकोष्ठ तक पहुंची। राहत की बात यह है कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत सामान डीएमआरसी ने उनके मालिकों तक वापस पहुंचा दिए।

डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो में सबसे अधिक लंच बॉक्स, पानी की बोतल, छाते, ईयरबड्स, कलाई घड़ियां और पिट्ठू बैग छूटने या गायब होने की शिकायतें आती हैं। ज्यादातर मामले स्टेशनों पर दर्ज किए जाते हैं। यात्री किसी भी मेट्रो स्टेशन पर सामान खोने की सूचना दे सकते हैं। इसके बाद संबंधित कॉरिडोर की ट्रेनों और स्टेशनों पर ट्रेन रेडियो सिस्टम के जरिए इसकी जानकारी प्रसारित कर सामान तलाशने का प्रयास किया जाता है। मिला सामान संबंधित स्टेशन से वापस लिया जा सकता है।

इसके अलावा कश्मीरी गेट स्थित डीएमआरसी के खोया-पाया कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। वहीं सोना, चांदी, आभूषण और अन्य कीमती सामान मिलने पर उन्हें संबंधित स्टेशन पर 48 घंटे तक सुरक्षित रखा जाता है। इसके बाद इन्हें कश्मीरी गेट के खोया-पाया कार्यालय भेज दिया जाता है। इनमें एक और खासबात ये है कि लावारिस नकदी को सात दिन बाद डीएमआरसी के खाते में जमा करने की प्रक्रिया है। मोबाइल और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान पुलिस जांच के लिए भेजे जाते हैं। वहीं, 30 दिन तक दावा नहीं किए गए स्मार्ट कार्ड ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन विभाग को भेजे जाते हैं।

Sumant Chaudhary