दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए वायु गुणवत्ता आयोग (CAQM) ने कड़े नियम बनाए हैं। इसके तहत पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले ऑटो और छोटे कमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन चरणबद्ध तरीके से बंद किए जाएंगे और इनकी जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति मिलेगी। आइए विस्तार से जानते हैं, सरकार के इस नए नियम के बारे में।
दिल्ली और NCR में बंद होंगे CNG ऑटो
जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत 1 जनवरी 2027 से सबसे पहले दिल्ली में सीएनजी ऑटो और पारंपरिक मालवाहक वाहनों का नया रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। इसके ठीक एक साल बाद 1 जनवरी 2028 से नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में भी इन पर रोक लग जाएगी। इसके बाद, जनवरी 2029 से एनसीआर के बाकी सभी जिलों में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।
क्यों लिया गया ये फैसला?

भले ही सड़कों पर नए ऑटो बहुत कम यानी लगभग 2.2% बिकते हैं, लेकिन प्रदूषण फैलाने में इनका बहुत बड़ा हाथ है। अकेले एनसीआर के कुल पीएम-2.5 (खतरनाक प्रदूषण कणों) में इन ऑटो की हिस्सेदारी करीब 19% है। इसीलिए, जब एनसीआर के सारे ऑटो इलेक्ट्रिक हो जाएंगे, तो हर साल लगभग 5.5 टन जहरीला प्रदूषण हवा में घुलने से रुक जाएगा।
N2 कैटेगरी भी होंगे बंद
साढ़े तीन हजार से साढ़े सात हजार किलो वजन वाले मध्यम आकार के मालवाहक वाहनों (N2 कैटेगरी) पर भी ऐसा ही नियम लागू होगा, यानी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाले इन नए कमर्शियल वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा।



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