Delhi-NCR में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत, 18-19 जुलाई के बाद बारिश की संभावना

Summary :

Delhi-NCR : दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजधानी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक कुलदीप ने बताया कि यदि मौसम प्रणाली में बदलाव होता है तो 18-19 जुलाई के आसपास हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। मंगलवार सुबह राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इससे मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।…

Delhi-NCR : दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजधानी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिक कुलदीप ने बताया कि यदि मौसम प्रणाली में बदलाव होता है तो 18-19 जुलाई के आसपास हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। मंगलवार सुबह राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इससे मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।

IMD के मुताबिक, मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, वहीं बुधवार और गुरुवार को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, लेकिन उमस और गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी। अगले पांच दिनों तक आसमान में हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है।

मानसून की रफ्तार पर लगा ब्रेक

दिल्ली में मानसून की स्थिति भी फिलहाल कमजोर बनी हुई है। जून महीने में सामान्य वर्षा की तुलना में काफी कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि 1 से 8 जुलाई के बीच मानसून ने अच्छी रफ्तार पकड़ी और दिल्ली में अच्छी वर्षा हुई, लेकिन 8 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियां फिर कमजोर पड़ गईं।

13 जुलाई तक देशभर में सामान्य से लगभग 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश नहीं होने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर की ओर खिसकना है। मानसून ट्रफ कम दबाव की वह लंबी पट्टी होती है, जिसके आसपास वर्षा की सबसे अधिक गतिविधियां होती हैं।

फिलहाल इसका पश्चिमी सिरा पहाड़ी क्षेत्रों की ओर चला गया है। यही कारण है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में वर्षा की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

जम्मू क्षेत्र के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय

मौसम वैज्ञानिक शशिकांत ने बताया कि उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू क्षेत्र के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है। इसके प्रभाव से पर्वतीय राज्यों में मौसम सक्रिय बना रहेगा और वातावरण में नमी बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में उमस अधिक महसूस होगी। मौसम विभाग का कहना है कि जब मानसून ट्रफ दोबारा दक्षिण की ओर सक्रिय होगी, तभी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना बनेगी।

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Avinay