क्रूरता के बाद भी डटे रहे दिल्ली पुलिस के जवान

Summary :

Cjp Protest: जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चले लंबे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस बल लगातार मौके पर डटा रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता रहा। आंदोलन के दौरान कई पुलिस अधिकारी और जवान धक्का-मुक्की तथा झड़पों में घायल हुए। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक के पुलिसकर्मी लगातार मैदान में मौजूद रहे। स्पेशल कमिश्नर, ज्वाइंट…

Cjp Protest: जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चले लंबे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस बल लगातार मौके पर डटा रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता रहा।

आंदोलन के दौरान कई पुलिस अधिकारी और जवान धक्का-मुक्की तथा झड़पों में घायल हुए। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक के पुलिसकर्मी लगातार मैदान में मौजूद रहे। स्पेशल कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, डीसीपी, एसीपी, एसएचओ और अन्य अधिकारियों ने स्वयं मौके पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की और हालात को काबू किया। वहीं, हजारों पुलिसकर्मियों ने दिन-रात ड्यूटी कर प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा घेरा बनाए रखा।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता खाली रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन, हाईटेक निगरानी वाहनों और कंट्रोल रूम के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। हालात बिगड़ने पर भी पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जब प्रदर्शन समाप्त होने की घोषणा हुई, तब भी पुलिसकर्मी देर रात तक जंतर-मंतर पर तैनात रहे और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील करते रहे। पूरे आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि राजधानी में आम जनजीवन पर न्यूनतम असर पड़े। कठिन परिस्थितियों के बावजूद ड्यूटी के प्रति पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता पूरे आंदोलन के दौरान साफ दिखाई दी।

 

Sumant Chaudhary