Delhi Government : दिल्ली को औद्योगिक और शहरी विकास का आधुनिक केंद्र बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने आंध्र प्रदेश के अमरावती मॉडल का अध्ययन करने की पहल की है। दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार देश में सफल औद्योगिक, तकनीकी और शहरी विकास मॉडलों का अध्ययन कर रही है, ताकि दिल्ली की जरूरतों के अनुरूप बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जा सकें। इसी क्रम में सिरसा ने दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विजयवाड़ा और अमरावती का दौरा कर एकीकृत नियोजन, औद्योगिक विकास, निवेश, भूमि प्रबंधन, हरित बुनियादी ढांचे और भविष्य की तकनीकों की जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल ने कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीआरडीए) के अधिकारियों के साथ बैठक कर अमरावती के नियोजित विकास की विस्तृत जानकारी हासिल की। प्रतिनिधिमंडल में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सज्जन सिंह यादव तथा दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने एकीकृत शहरी नियोजन, बुनियादी ढांचे, निवेश सुगमता और दीर्घकालिक विकास की योजनाओं पर प्रस्तुति दी।
आंध्र प्रदेश के मंत्रियों के साथ हुई बैठक…
सिरसा ने आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और टी.जी. भरत से भी मुलाकात की। नारा लोकेश के साथ रियल टाइम गवर्नेंस, शिक्षा, कौशल विकास, क्लस्टर आधारित आर्थिक विकास और उभरती तकनीकों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर चर्चा हुई। वहीं, टी.जी. भरत के साथ आंध्र प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम, निवेश नीतियों, औद्योगिक पार्कों और निवेश सुगमता व्यवस्था पर विचार-विमर्श हुआ।
लैंड पूलिंग और हरित ढांचे का अध्ययन…
प्रतिनिधिमंडल ने अमरावती के ग्रीनफील्ड राजधानी विकास मॉडल का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्वैच्छिक लैंड पूलिंग और सहमति आधारित भूमि प्रबंधन की जानकारी दी। करीब 33 हजार एकड़ भूमि को पूल किए जाने की जानकारी दी गई, जिसमें करीब 20 हजार एकड़ भूमि लैंड पूलिंग प्रक्रिया के तहत लाई गई है। मॉडल के तहत भूमि मालिकों को विकसित भूमि में हिस्सा देने की व्यवस्था है। अमरावती में करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र को हरित क्षेत्र और जल निकायों के रूप में विकसित करने की योजना है। भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर, ग्रिड आधारित सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवेज और वर्षा जल प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया गया। कृष्णा नदी के किनारे स्थित होने के कारण शहर की बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था पर भी विशेष जानकारी ली गई।
क्वांटम वैली और तकनीक पर जोर…
प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित अमरावती क्वांटम वैली की योजना भी समझी, जिसे क्वांटम कंप्यूटिंग और उन्नत तकनीक के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें आईटी कंपनियों, वैश्विक क्षमता केंद्रों और क्वांटम शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की योजना है। सिरसा ने कहा कि अमरावती से मिली सीख को दिल्ली की परिस्थितियों के अनुसार परखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी दूसरे शहर के मॉडल की नकल करना नहीं, बल्कि सफल व्यवस्थाओं से सीख लेकर दिल्ली के लिए अपना प्रभावी मॉडल तैयार करना है। यह दौरा 17 अगस्त को हैदराबाद में टी-वर्क्स, टी-हब और फ्यूचर सिटी के अध्ययन के बाद हुआ। सिरसा ने कहा कि हैदराबाद और विजयवाड़ा के अनुभवों से दिल्ली में नवाचार, तकनीक, निवेश, उद्योग और रोजगार को एक साथ जोड़कर विश्वस्तरीय औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने में मदद मिलेगी।



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