कोलकाता में भारी बारिश के बीच 3 मंजिला इमारत का हिस्सा गिरा, 1 की मौत, 15 घायल

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Kolkata Building Collapse

Kolkata Building Collapse: पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच आज यानी मंगलवा को कोलकाता में बड़ा हादसा सामने आया है। दरअसल, नॉर्थ कोलकाता के जोड़ाबागान इलाके में एक पुरानी तीन मंजिला इमारत का अगला हिस्सा अचानक ढह जाने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  मामले पर नजर डालें तो सामने आता है कि  मंगलवार सुबह जोड़ाबागान इलाके में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान एक पुरानी बहुमंजिला इमारत का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इमारत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत में करीब तीन परिवार किराए पर रह रहे थे। हादसे के समय कई लोग इमारत के अंदर मौजूद थे। अचानक मलबा गिरने से वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।

पहले से खतरनाक घोषित थी इमारत

इस हादसे में एक अहम बात सामने आई है। कोलकाता नगर निगम पहले ही इस इमारत को खतरनाक घोषित कर चुका था। इसके बावजूद इसमें कई परिवार किराए पर रह रहे थे। लगातार बारिश के बीच इमारत की हालत और खराब हो गई, जिसके बाद उसका अगला हिस्सा ढह गया।

घटना ने पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

1 की मौत, 15 लोगों को मलबे से निकाला गया

इमारत का हिस्सा गिरने की सूचना मिलते ही जोड़ाबागान थाने की पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। करीब 15 घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

हादसे में एक महिला की मौत भी हुई। मृतका की पहचान 50 वर्षीय उर्मिला साहू के तौर पर हुई है। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

पुराने मकानों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

कोलकाता के कई इलाकों में पुरानी इमारतें मौजूद हैं। बारिश के दौरान इन मकानों की हालत और खराब होने का खतरा रहता है। जोड़ाबागान की घटना के बाद एक बार फिर ऐसे भवनों की सुरक्षा और उनमें रह रहे परिवारों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि खतरनाक घोषित इमारतों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।