‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास का रोडमैप तैयार : शिवराज सिंह चौहान

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Seven Streams Of Power : प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अंतर्गत विभागों का संकल्प कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आज पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में आयोजित किया गया। ‘शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा’ नामक इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, लखपति दीदियों, फूड प्रोसेसर्स, निर्यातकों और किसान…

Seven Streams Of Power : प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अंतर्गत विभागों का संकल्प कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आज पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में आयोजित किया गया।

‘शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा’ नामक इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, लखपति दीदियों, फूड प्रोसेसर्स, निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों को विकसित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी तथा डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी और चारों विभागों के सचिव भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का स्पष्ट मार्ग देश के सामने रखा है। कृषि और फूड प्रोसेसिंग इस सप्तधारा की महत्वपूर्ण शक्ति है। देश को कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन पर भी ध्यान देना होगा, ताकि भारतीय किसानों के उत्पाद दुनिया के बाजार में मजबूती से अपनी पहचान बना सकें।

सभी को मिलकर प्रधानमंत्री जी के विजन को सफल बनाना है- चौहान

उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे परिवार का सामूहिक संकल्प है। इस परिवार में किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान उत्पादक संगठन सभी बराबर के भागीदार हैं। प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है और सभी को मिलकर प्रधानमंत्री जी के विजन को सफल बनाना है।

कृषि रोडमैप पर जोर…

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में कृषि के लिए राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ प्रत्येक राज्य और जिले का अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में जलवायु, मिट्टी, पानी और फसल की परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की योजनाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक आकलन करना आवश्यक है।

इसी आधार पर किसानों से संवाद कर उन्हें उपयुक्त फसलों, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों को मिलकर किसानों तक नई तकनीक पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक, मशीनीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल बढ़ाकर उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि की जा सकती है।

छह करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य…

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लखपति दीदी योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए श्री चौहान ने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। अब प्रधानमंत्री जी ने छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ नई लखपति दीदियों का निर्माण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘शी-मार्ट्स’ और ब्रांडिंग जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, आयुर्वेदिक सामग्री, पारंपरिक वस्तुओं और अन्य उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे परिवार, गांव और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना विकसित भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण शर्त है।

Sumant Chaudhary