Cyber Fraud in Faridabad: हरियाणा के फरीदाबाद से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, ठगों ने एक युवक को उसके पुराने 5 रुपये के नोट के बदले करीब 1 करोड़ रुपये देने का झांसा दिया। इसके बाद टैक्स, कस्टम और सिक्योरिटी फीस के नाम पर उससे 1.02 लाख रुपये की चपत लगा दी। मामले में साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान विनोद के रूप में हुई है। ये मामला फरीदाबाद के सेक्टर-8 का है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने फेसबुक पर पुराने सिक्के और नोट खरीदने से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों-करोड़ों रुपये देने की बात कही गई थी। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर बाद करने के बाद कुछ लोगों ने उससे बातचीत शुरू की। आरोपियों ने खुद को एक एक्सचेंज-बायर कंपनी से जुड़ा बताया। उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि उसके पास मौजूद पुराना 5 रुपये का नोट करीब 1 करोड़ रुपये में खरीदा जाएगा।
करोड़ों रुपये मिलने की उम्मीद में फंसा युवक
बता दें कि एक पुराने नोट के बदले इतनी बड़ी रकम मिलने की बात सुनकर शिकायतकर्ता आरोपियों के झांसे में फंस गया। इसके बाद ठगों ने उससे अलग-अलग तरह की फीस के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। कभी टैक्स, कभी सिक्योरिटी तो कभी कस्टम फीस और दूसरे चार्ज बताकर उससे बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के बताए अकाउंट में कुल 1 लाख 2 हजार 267 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे देने के बाद भी उसे पुराने नोट के बदले कोई पैसे नहीं मिले। जब आरोपियों ने सही जवाब देना बंद कर दिया तो उसे समझ आया कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। इसके बाद उसने साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई और तकनीकी सबूतों की मदद से उन लोगों का पता लगाने की कोशिश की, जिनके खातों में ठगी की रकम पहुंची थी।जांच के दौरान सिरसा जिले के डींग निवासी विनोद का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम में से करीब 28 हजार रुपये विनोद के बैंक खाते में पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि उसके खाते में पैसे कैसे पहुंचे और इस साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका थी।पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी विनोद ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और फिलहाल सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह खुद इस ठगी में शामिल था या किसी दूसरे व्यक्ति के कहने पर उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी भी जुटा रही हैं।
पुराने नोट और सिक्कों के नाम पर ऐसे होती है ठगी
पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर पुराने नोट और सिक्कों को लेकर आने वाले ऐसे विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह दी है। ठग पहले पुराने नोट या सिक्के के बदले बड़ी रकम देने का लालच देते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, टैक्स, कस्टम, सिक्योरिटी या अन्य फीस के नाम पर पैसे मांगते हैं।
अगर कोई व्यक्ति पुराने नोट या सिक्के के बदले करोड़ों रुपये देने का दावा करे और पहले पैसे जमा करने को कहे, तो ऐसे ऑफर पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के बताए बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने से भी बचना चाहिए। वहीं साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए पुलिस को सूचना देना जरूरी है।
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