दिल्ली में बदलेगा कचरा प्रबंधन का तरीका, टोक्यो-न्यूयॉर्क और बार्सिलोना के मॉडल पर मंथन

Summary :

Delhi Municipal Corporation : राजधानी में कचरे के संग्रह से लेकर उसके परिवहन और निस्तारण तक की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) दिल्ली की जरूरतों के मुताबिक नया और टिकाऊ कचरा प्रबंधन मॉडल तैयार करने के लिए टोक्यो, न्यूयॉर्क और बार्सिलोना जैसे बड़े शहरों की व्यवस्था का अध्ययन कर रहा है। शनिवार को एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार की अध्यक्षता में विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इन शहरों के मॉडल के साथ दिल्ली के लिए संभावित विकल्पों पर मंथन किया गया। बैठक में विश्व बैंक की टीम ने तीनों…

Delhi Municipal Corporation : राजधानी में कचरे के संग्रह से लेकर उसके परिवहन और निस्तारण तक की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) दिल्ली की जरूरतों के मुताबिक नया और टिकाऊ कचरा प्रबंधन मॉडल तैयार करने के लिए टोक्यो, न्यूयॉर्क और बार्सिलोना जैसे बड़े शहरों की व्यवस्था का अध्ययन कर रहा है। शनिवार को एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार की अध्यक्षता में विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इन शहरों के मॉडल के साथ दिल्ली के लिए संभावित विकल्पों पर मंथन किया गया।

बैठक में विश्व बैंक की टीम ने तीनों शहरों में कचरा प्रबंधन के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी। खास तौर पर टोक्यो के तकनीक आधारित मॉडल पर चर्चा हुई, जहां 23 वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों के जरिए नगर निगम के कचरे के बड़े हिस्से को वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्कृत किया जाता है। दिल्ली में भी वेस्ट-टू-एनर्जी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार किया गया। न्यूयॉर्क के मॉडल में कचरे के परिवहन और प्रसंस्करण में निजी एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा हुई। वहां कचरे को शहर से बाहर स्थित प्रसंस्करण सुविधाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था भी निजी एजेंसियों के माध्यम से की जाती है।

वहीं, बार्सिलोना के हाइब्रिड और विकेंद्रीकृत मॉडल को भी दिल्ली के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। बार्सिलोना की जीरो वेस्ट योजना 2021-27 में बड़े केंद्रीकृत संयंत्रों और परिवहन व्यवस्था पर दबाव घटाने के लिए स्थानीय स्तर पर कचरे के प्रसंस्करण पर जोर दिया गया है। इसके साथ कचरे की मात्रा कम करने, स्रोत पर पृथक्करण और लोगों की आदतों में बदलाव को भी मॉडल का हिस्सा बनाया गया है। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने दिल्ली के लिए एक प्रस्तावित मॉडल पर भी चर्चा की।

इसका उद्देश्य एमसीडी की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ कचरा प्रबंधन को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना और इससे होने वाले वायुमंडलीय उत्सर्जन को कम करना है। हालांकि, बैठक में किसी एक मॉडल को अंतिम रूप नहीं दिया गया। एमसीडी अधिकारियों ने विश्व बैंक की टीम के सामने दिल्ली में कचरे के मौजूदा संग्रह और परिवहन व्यवस्था के साथ वर्तमान तथा प्रस्तावित प्रसंस्करण सुविधाओं की जानकारी रखी।

आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि दिल्ली को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप वैश्विक स्तर की बेहतर व्यवस्थाओं को अपनाना होगा। इसके लिए समयबद्ध और टिकाऊ रणनीति की जरूरत है, जिसमें कचरे के संग्रह, परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण से लेकर उससे अधिकतम संसाधन प्राप्त करने तक की पूरी व्यवस्था शामिल हो। बैठक में अपर आयुक्त, इंजीनियर-इन-चीफ, सभी जोन के उपायुक्त और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Sumant Chaudhary