विश्व के मानचित्र पर चमकेगा गुजरात का उद्योग क्षेत्र, CM भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च की ‘विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026’

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वविता चौहान Gujarat Industrial Policy 2026 : गुजरात ने एक बार फिर औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में इस महत्वाकांक्षी नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह नीति केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि गुजरात को वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनाने का एक विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि राज्य ने हमेशा देश के औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है और अब इस नई नीति…

वविता चौहान

Gujarat Industrial Policy 2026 : गुजरात ने एक बार फिर औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में इस महत्वाकांक्षी नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह नीति केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि गुजरात को वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनाने का एक विजन डॉक्यूमेंट है।

उन्होंने कहा कि राज्य ने हमेशा देश के औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है और अब इस नई नीति के जरिए गुजरात को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस नवाचार (Innovation), निवेश (Investment) और समावेशी विकास (Inclusive Growth) पर रहेगा।

उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर को मजबूत करना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और नई तकनीकों को अपनाना इस नीति के प्रमुख स्तंभ होंगे। इस दौरान डिप्टी CM हर्ष सांघवी ने भी सरकार की औद्योगिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि गुजरात में निवेश के लिए माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की पारदर्शी नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज़ निर्णय प्रक्रिया निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

Developed Gujarat Industrial Policy 2026

“यह नीति राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करेगी”

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह नीति राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और युवाओं को नए कौशल और अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रीन और सस्टेनेबल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करेगी, जिससे विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे। डिप्टी CM हर्ष सांघवी ने कहा कि उद्योगों को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और अधिक सरल बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं और समर्थन समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा, “गुजरात आज देश का सबसे भरोसेमंद औद्योगिक केंद्र बन चुका है। यहां उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, बेहतर कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध है। मैं सभी उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह करता हूं कि वे गुजरात में निवेश करें और इस विकास यात्रा का हिस्सा बनें।”उन्होंने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता उद्योगों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाएं और तेज़ प्रशासनिक प्रक्रियाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उद्योगों को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।

“गुजरात में निवेश करने का यह सबसे सही समय”

डिप्टी CM हर्ष सांघवी ने भी उद्योग जगत से अपील करते हुए कहा कि गुजरात में निवेश करने का यह सबसे सही समय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर निवेशक के साथ साझेदारी के भाव से काम कर रही है और उनकी सफलता को अपनी सफलता मानती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है-गुजरात को न केवल भारत का, बल्कि दुनिया का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाना।

आइए, हम सब मिलकर ‘विकसित गुजरात’ और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करें।”विशेषज्ञों का मानना है कि “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” राज्य में निवेश, औद्योगिक उत्पादन और रोजगार के नए अवसरों को गति देगी। यह नीति गुजरात को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत बनाएगी तथा देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगी।

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