Maharashtra Heavy Rain: महाराष्ट्र में भारी बारिश से तबाही। 1 जून से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश और मानसून से संबंधित विभिन्न घटनाओं में कम से कम 63 लोगों की जान चली गई और 78 अन्य घायल हो गए। वहीं, मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए प्रति परिवार की वित्तीय सहायता दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दीवार गिरने से 25 मौतें, बिजली गिरने से 23 मौतें, भूस्खलन से 6 मौतें, पेड़ गिरने से 6 मौतें और बाढ़ में डूबने से 3 मौतें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस अवधि के दौरान 200 मवेशियों की मौत हुई और 10 घायल हुए।

विपक्ष से राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का बचाव करते हुए मंत्री महाजन ने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन में कोई चूक नहीं हुई है। मंत्री ने विपक्ष से आग्रह किया कि मैं पिछले पांच दिनों से व्यक्तिगत रूप से विभिन्न प्रभावित जिलों का दौरा कर रहा हूं। जब राज्य संकट में होता है, तो हमें एकजुट होना चाहिए। जनता संकट में हो, तब राजनीति को एक तरफ रखना बेहद जरूरी है।
Pune Building Collapse: कचरे का पहाड़ गिरने से बड़ा हादसा
पुणे के एक कचरा डिपो में हाल ही में हुई त्रासदी का जिक्र करते हुए मंत्री महाजन ने कहा कि यह दुर्घटना 47 साल पुराने जमा कचरे के ढेर के कारण हुई। इस क्षेत्र में मात्र डेढ़ दिन में 635 मिमी भारी बारिश हुई, जिसके कारण लगभग एक साल पहले बनी इमारत पर विशाल कचरा ढेर गिर गया। उन्होंने विधानसभा को जानकारी दी कि मलबे के नीचे 23 लोग फंसे हुए हैं और बचाव अभियान तेजी से जारी है।

Maharashtra Heavy Rain: भारी बारिश से सकड़ें जलमग्न हुई
मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में इस समय असामान्य मौसम का प्रकोप है, जहां एक महीने के बराबर बारिश कुछ ही दिनों में हो रही है। इसके चलते कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, घरों में पानी भर गया है, और लोगों को जबरन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। विस्थापितों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने 15 दिनों के लिए पर्याप्त राशन किट उपलब्ध कराए हैं। केवल पालघर जिले में ही 1,000 नागरिकों को राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है।

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