बेलगावी, 9 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं के दान के दुरुपयोग को रोकने के लिए मुजराई विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों में हुंडी (दान पेटी) के सामने सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है।
उन्होंने यह घोषणा बेलगावी के सुवर्ण विधान सौधा में आयोजित बेलगावी डिवीजन प्रोग्रेस रिव्यू मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बहस शुरू होने की संभावना है।
शिवकुमार ने कहा, “राम मंदिर से जुड़े मामलों में सामने आई अनियमितताओं ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। लोगों ने आस्था के साथ दान दिया, लेकिन कथित तौर पर धर्म के नाम पर उस धन का गलत इस्तेमाल किया गया, इसलिए हमारी सरकार ने मुजराई विभाग के तहत आने वाले सभी मंदिरों में हुंडी के सामने सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा कि यह निगरानी व्यवस्था उन स्थानों पर भी लागू होगी, जहां दान एकत्र किया जाता है, खोला जाता है और उसकी गिनती की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हुंडी, नकदी संग्रह और गिनती केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज को पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त कार्यालयों से जोड़ा जाएगा, ताकि पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।”
शिवकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के कथित दुरुपयोग की बात सामने आने के बावजूद राज्य सरकार की प्रमुख गारंटी योजनाएं जारी रहेंगी।
उन्होंने कहा, “सीएजी रिपोर्ट में गारंटी योजनाओं के दुरुपयोग के कुछ मामले सामने आए हैं। आरोप है कि सैकड़ों करोड़ रुपए मृत लोगों के नाम पर भी जारी किए गए। ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए हम गृह लक्ष्मी और गृह ज्योति योजनाओं के लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह सत्यापन प्रक्रिया केवल फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए है और इसका असर वास्तविक लाभार्थियों पर नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम किसी भी परिस्थिति में गारंटी योजनाओं को बंद नहीं करेंगे। हर योग्य लाभार्थी को इसका लाभ मिलता रहेगा। सिद्दारमैया सरकार के दौरान मंजूर की गई किसी भी योजना को बंद नहीं किया जाएगा।”
विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में संशोधन का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने योग्य नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा, “मतदान का अधिकार लोकतंत्र का मूल अधिकार है। योग्य मतदाताओं की मदद के लिए जहां जरूरत होगी, वहां 10 साल से किसी स्थान पर रह रहे लोगों को निवास प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। हमने नागरिकों को 4.50 करोड़ जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की सुविधा भी दी है।”
उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सहायता केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि लोग जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि हर नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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