केंद्र और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के बेनतीजा रहने के साथ हजारों किसान नये कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग के साथ बुधवार को दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे हुए हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मंगलवार रात को बुलायी गयी बैठक में कोई समाधान नहीं निकला।
कृषि कानूनों में संशोधन करने के सरकार के प्रस्ताव को ठुकराने वाले किसान नेताओं ने कहा कि कानून निरस्त करने से कम कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है। इस बीच, दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए सरकार और किसान संगठनों के बीच बुधवार को प्रस्तावित छठे दौर की वार्ता भी रद्द कर दी गयी है।
दिल्ली के सिंघू, टिकरी, गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन जारी रहने से यातायात बाधित हो गया। दिल्ली यातयात पुलिस ने ट्विट के जरिए लोगों को बताया कि टिकरी, झरोदा, ढांसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है। झटिकारा बॉर्डर केवल दुपहिया वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए खुला है।
यातायात पुलिस ने हरियाणा की तरफ जाने वालों को दौराला, कापसहेड़ा, बडूसराय, रजोकरी एनएच-आठ, बिजवासन-बजघेड़ा, पालम विहार, डुंडुहेड़ा बॉर्डर से जाने को कहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘सिंघू, औचंदी, पियाऊ मनियारी, मंगेश बॉर्डर बंद हैं। दोनों तरफ एनएच-44 बंद है। लामपुर, सफियाबाद, सबोली, एनएच-आठ, भोपुरा, अप्सरा बॉर्डर के जरिए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।’’
यातायात पुलिस ने कहा कि मुबारका और जीटीके रोड से यातायात को दूसरी ओर मोड़ दिया गया है और यात्रियों को बाहरी रिंग रोड, जीटीके रोड, एनएच-44 से परहेज करने को कहा।


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