दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने की आत्महत्या

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Delhi News : दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता (74) ने रविवार को नोएडा स्थित अपने किराए के फ्लैट में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में पिछले करीब पांच वर्षों से अकेले रह रहे थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। कमरे से अंग्रेजी में लिखा एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मेहता ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने अपनी बीमारियों से परेशान होकर…

Delhi News : दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता (74) ने रविवार को नोएडा स्थित अपने किराए के फ्लैट में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में पिछले करीब पांच वर्षों से अकेले रह रहे थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। कमरे से अंग्रेजी में लिखा एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मेहता ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने अपनी बीमारियों से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है। सोमवार को दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी के अनुसार, सुसाइड नोट में राकेश मेहता ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया है। वह हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर, शुगर और हाथ-पैर कांपने यानी ट्रीमोर की समस्या से पीड़ित थे। शनिवार रात उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। रविवार दोपहर जब पत्नी ने उन्हें फोन किया और काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने सोसायटी के गार्ड को फ्लैट पर जाकर देखने के लिए कहा।

गार्ड के कमरे में पहुंचने पर मेहता का शव पंखे से लटका मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मेहता की पत्नी भी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उनका बेटा देहरादून में रहता है। परिजनों ने मंगलवार को पुलिस से मुलाकात की, लेकिन घटना को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। पुलिस सुसाइड नोट और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

शीला दीक्षित के करीबी अधिकारियों में रहे

राकेश मेहता को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी अधिकारियों में गिना जाता था। तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने दिल्ली सरकार और नगर निगम से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। दिल्ली के मुख्य सचिव और एमसीडी कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने राजधानी के प्रशासनिक ढांचे और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम कार्यों में भूमिका निभाई।

राजधानी में कई ओवरब्रिज और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में भी उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के दौरान भी उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी। उस दौरान दिल्ली में सड़क, परिवहन, आधारभूत ढांचे और आयोजन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने में उनकी भूमिका रही।

शिक्षा के क्षेत्र में भी शानदार रिकॉर्ड

राकेश मेहता की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बेहद मजबूत थी। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए की पढ़ाई की। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से एमए और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी की डिग्री हासिल की। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने दिल्ली के विकास और शासन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद पिछले करीब पांच वर्षों से वह नोएडा में रह रहे थे। रविवार को उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक और नौकरशाही से जुड़े लोगों में शोक की लहर है। राजधानी के प्रशासनिक विकास में लंबे समय तक योगदान देने वाले मेहता का अंतिम संस्कार सोमवार को दिल्ली में किया गया।

Sumant Chaudhary